क्रिकेट में हमेशा माना जाता रहा है कि बड़ा बल्लेबाज बनने के लिए मजबूत फ्रंट फुट खेल जरूरी होता है। आगे बढ़कर ड्राइव लगाना और गेंद की लाइन में आकर खेलना बल्लेबाजी की पहचान मानी जाती है। लेकिन राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने दिखा दिया कि अलग शैली भी सफलता दिला सकती है। यही वजह है कि इस समय पूरा क्रिकेट जगत उनके खेल की चर्चा कर रहा है।
कोच ने बताई बड़ी बात
प्रसिद्ध बल्लेबाजी कोच जुबिन भरूचा का कहना है कि वैभव का फ्रंट फुट खेल लगभग नहीं के बराबर है। सामान्य तौर पर इसे बल्लेबाज की कमजोरी माना जाता है, लेकिन वैभव ने इसे अपनी ताकत बना लिया है। वह आगे बढ़कर कम खेलते हैं और ज्यादातर समय शरीर का भार पीछे रखते हैं। इसी कारण वह छोटी और फुल लेंथ दोनों तरह की गेंदों पर आसानी से बड़े शॉट लगा पाते हैं।
एलिमिनेटर में मचाया धमाल
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबको हैरान कर दिया। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। इस दौरान उन्होंने छक्कों की ऐसी बरसात की कि विरोधी गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। उनकी पारी ने मैच का रुख बदल दिया और एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर दबाव से नहीं घबराते।
पावरप्ले के नए बादशाह
इस सीजन वैभव ने पावरप्ले को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है। उनके कुल रनों का बड़ा हिस्सा शुरुआती छह ओवरों में आया है। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका प्रदर्शन सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहा है। बड़े नामों वाले गेंदबाज भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के सामने संघर्ष करते नजर आए। यही कारण है कि विरोधी टीमें उनके लिए अलग रणनीति बनाने को मजबूर हो गई हैं।
गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती
वैभव के खिलाफ कई तरह के प्रयोग किए गए। कभी बाउंसर फेंकी गई, कभी धीमी गेंद और कभी यॉर्कर का सहारा लिया गया। लेकिन युवा बल्लेबाज ने लगभग हर योजना को नाकाम कर दिया। उनकी तेज बैकलिफ्ट और गेंद को देर तक देखने की क्षमता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें रोकने के लिए सिर्फ गति नहीं बल्कि बहुत सोच-समझकर गेंदबाजी करनी होगी।
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अब सबकी नजर अगले मैच पर
क्वालिफायर-2 से पहले एक बार फिर वैभव चर्चा के केंद्र में हैं। विरोधी टीम नई योजनाएं तैयार कर रही है, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें रोकना आसान नहीं होगा। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस खिलाड़ी के फ्रंट फुट खेल को कमजोरी कहा जा रहा था, वही आज टी-20 क्रिकेट का सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। फिलहाल एक बात साफ है, वैभव सूर्यवंशी सिर्फ रन नहीं बना रहे, बल्कि बल्लेबाजी की नई कहानी लिख रहे हैं।