समस्तीपुर के एक छोटे से खिलाड़ी से टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर हर किसी के बस की बात नहीं होती। लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 15 साल की उम्र में वो कर दिखाया है जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं। पिछले 8 महीने उनके जीवन के सबसे खास महीने साबित हुए हैं। इन महीनों में उन्होंने एक के बाद एक ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्होंने उन्हें सीधे भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित चेहरों में ला खड़ा किया। अब टीम इंडिया में चयन के बाद उनकी कहानी और भी खास बन गई है।
जब पहली बार मिला बड़ा मंच
5 जनवरी 2024 की तारीख वैभव कभी नहीं भूलेंगे। इसी दिन उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया और कम उम्र में ऐसा करने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इसके बाद अक्टूबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के खिलाफ उन्होंने ऐसा शतक जड़ा जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान उनकी ओर खींच लिया। सिर्फ 58 गेंदों में शतक बनाकर उन्होंने बता दिया कि वह सामान्य खिलाड़ी नहीं हैं।
आईपीएल ने बदल दी जिंदगी
25 नवंबर 2024 को उनकी जिंदगी का एक और बड़ा दिन आया। आईपीएल नीलामी में राजस्थान ने उन्हें करोड़पति बना दिया। इसके बाद 19 अप्रैल 2025 को उन्होंने आईपीएल डेब्यू किया और पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर सबको चौंका दिया। लेकिन असली धमाका 28 अप्रैल को हुआ, जब उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में शतक ठोक दिया। इस पारी ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई और क्रिकेट विशेषज्ञों ने उन्हें भविष्य का सुपरस्टार कहना शुरू कर दिया।
रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनते गए
आईपीएल के बाद भी वैभव का बल्ला नहीं रुका। दिसंबर 2025 में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इसी मुकाबले में उन्होंने सबसे तेज 150 रन बनाने का बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। हर मैच के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और विरोधी गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना मुश्किल होता गया।
अंडर-19 विश्व कप में मचाया तूफान
6 फरवरी 2026 को वैभव ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। अंडर-19 विश्व कप फाइनल में उन्होंने 175 रन ठोक दिए। 15 छक्कों से सजी इस पारी ने भारत को खिताब दिलाया और उन्हें प्लेयर ऑफ द फाइनल तथा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार मिला। यह प्रदर्शन बताता था कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं और दबाव में और बेहतर खेलते हैं।
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टीम इंडिया तक पहुंचा सफर
31 मई 2026 को वैभव ने आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती। सबसे ज्यादा छक्के लगाने, उभरते खिलाड़ी और सबसे मूल्यवान खिलाड़ी जैसे बड़े सम्मान भी उनके नाम रहे। इसके कुछ ही दिनों बाद 6 जून 2026 को वह पल आया जिसका इंतजार पूरा परिवार कर रहा था। वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया में चुना गया। यही वह तारीख है जिसने उनके 8 महीनों के सुनहरे सफर को नई मंजिल दे दी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि टीम इंडिया की जर्सी में यह युवा सितारा कितनी नई कहानियां लिखता है।