इंडिया A और अफगानिस्तान A के बीच खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के मुकाबले में एक बार फिर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सुर्खियों में रहे। 15 साल के इस खिलाड़ी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से शुरुआत में सभी का ध्यान खींचा, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में सफल नहीं हो सके। उनकी पारी ने एक बार फिर उनकी प्रतिभा और कमजोरी दोनों को सामने ला दिया।
तेज शुरुआत, लेकिन अधूरी पारी
अफगानिस्तान A के कप्तान इमरान मीर ने टॉस जीतकर इंडिया A को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और शुरुआती ओवरों में ही 50 रन से ज्यादा की साझेदारी कर डाली। वैभव शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए और मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट लगाए।
38 रन बनाकर लौटे पवेलियन
वैभव ने 28 गेंदों में 38 रन की तेज पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 4 चौके और 2 छक्के निकले। पारी के दौरान उन्हें दो जीवनदान भी मिले, लेकिन वह इसका पूरा फायदा नहीं उठा सके। जब लग रहा था कि वह बड़ा स्कोर बनाएंगे, तभी फरीदून दाऊदजई ने उन्हें आउट कर उनकी पारी का अंत कर दिया। एक बार फिर वह अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए।
आईपीएल स्टार, वनडे में संघर्ष
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए थे और सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने का रिकॉर्ड भी बनाया था। उनके नाम एक शतक और पांच अर्धशतक रहे। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें इंडिया A टीम में जगह मिली। हालांकि वनडे क्रिकेट में अब तक वह अपनी टी20 जैसी सफलता नहीं दोहरा पाए हैं।
बड़ी पारी का इंतजार जारी
इस त्रिकोणीय सीरीज में वैभव ने अब तक 14, 44, 21 और 38 रन की पारियां खेली हैं। हर मैच में उन्होंने तेज बल्लेबाजी की, लेकिन किसी भी मुकाबले में लंबी पारी नहीं खेल सके। उनका स्ट्राइक रेट शानदार रहा है, लेकिन लगातार छोटे स्कोर यह दिखाते हैं कि उन्हें क्रीज पर ज्यादा समय बिताने की जरूरत है।
शॉर्ट बॉल बनी कमजोरी
वैभव की बल्लेबाजी में सबसे बड़ी चुनौती शॉर्ट पिच गेंदें बनती जा रही हैं। अफगानिस्तान A के खिलाफ भी उनका विकेट इसी तरह गिरा। मौजूदा सीरीज में कई गेंदबाजों ने इसी रणनीति के जरिए उन्हें परेशान किया है। यही वजह है कि उनकी तकनीक को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है।
उम्र कम, सीखने का समय ज्यादा
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में तकनीकी कमियां होना सामान्य बात है। इंडिया A जैसे स्तर पर खेलने से युवा खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों को पहचानने और सुधारने का मौका मिलता है। वैभव के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और उनके पास सीखने के लिए पर्याप्त समय भी है।
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आंकड़े दे रहे बड़ी उम्मीद
ट्राई सीरीज के चार मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी 117 रन बना चुके हैं। उनका औसत 29.25 और स्ट्राइक रेट 153.95 रहा है। ये आंकड़े बताते हैं कि वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती अच्छी शुरुआत को शतक और बड़ी पारियों में बदलना होगी। अगर वह शॉर्ट बॉल के खिलाफ अपनी तकनीक मजबूत कर लेते हैं, तो भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं।