जिम्बाब्वे दौरे पर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्होंने कुल 151 रन बनाए। तीसरे मुकाबले में 49 गेंदों पर 81 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरे दौरे में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वैभव ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी अपने नाम किया।
ढाई साल पहले ही पहचान गई थी BCCI
टीम इंडिया के कार्यवाहक मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने खुलासा किया कि वैभव की सफलता अचानक नहीं आई है। उन्होंने बताया कि बीसीसीआई पिछले ढाई साल से इस युवा बल्लेबाज पर नजर रखे हुए था। विजयवाड़ा में हुई क्वाड्रैंगुलर सीरीज के दौरान वैभव ने इंडिया-बी के लिए शानदार बल्लेबाजी की थी, जिसके बाद ही उन्हें भविष्य के स्टार खिलाड़ी के रूप में तैयार करने की योजना बनाई गई।
मानसिक तैयारी पर भी हुआ काम
वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि वैभव सिर्फ तकनीकी तौर पर ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी लगातार मजबूत हुए हैं। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उन्हें मैच परिस्थितियों को समझने, दबाव में खेलने और सही फैसले लेने की ट्रेनिंग दी गई। लक्ष्मण के मुताबिक पिछले छह महीनों में वैभव की मैच अवेयरनेस, परिपक्वता और खेल को पढ़ने की क्षमता में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है।
फिटनेस को बताया सबसे बड़ी चुनौती
वैभव की जमकर तारीफ करने के बावजूद वीवीएस लक्ष्मण ने उनकी सबसे बड़ी कमी की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज को अपनी ओवरऑल फिटनेस पर अभी काफी मेहनत करनी होगी। लक्ष्मण के अनुसार वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और अगर वह अपनी फिटनेस को अगले स्तर तक ले जाते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद मैच विनर्स में शामिल हो सकते हैं।
जुनून ने किया कोच को प्रभावित
लक्ष्मण ने तीसरे टी20 मैच का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि मैच के दौरान चोट लगने के बावजूद वैभव मैदान छोड़ने को तैयार नहीं थे। हालांकि फिजियो टीम ने एहतियात के तौर पर उन्हें बाहर बुलाया। कोच के मुताबिक टीम के लिए खेलने का यही जज्बा उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत भी है।
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भविष्य के बड़े सितारे माने जा रहे वैभव
जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। हालांकि टीम प्रबंधन का मानना है कि प्रतिभा के साथ फिटनेस, अनुशासन और निरंतर सुधार भी उतना ही जरूरी है। यदि वैभव इन पहलुओं पर लगातार काम करते रहे, तो वह आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक मैच जिताने वाले खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।