वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, हिमकोटी रूट अस्थायी रूप से बंद; पुराने रास्ते से जारी है यात्रा
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वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, हिमकोटी रूट अस्थायी रूप से बंद; पुराने रास्ते से जारी है यात्रा
लोकसत्य
शनिवार, 29 अगस्त 2026 • 9:25 pm
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Vaishno Devi Yatra,---जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी धाम की यात्रा के दौरान शनिवार को हिमकोटी मार्ग के पास भूस्खलन की घटना सामने आई। पहाड़ी से मलबा गिरने के बाद एहतियात के तौर पर हिमकोटी वाले मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है और मलबा हटाने का काम जारी है। फिलहाल श्रद्धालुओं की यात्रा पुराने मार्ग से सुचारू रूप से जारी है।
हिमकोटी मार्ग पर गिरा मलबा
अधिकारियों के अनुसार, यह भूस्खलन कटरा के त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र में हिमकोटी के पास हुआ। भूस्खलन के कारण रास्ते पर मलबा आ गया, जिसके बाद प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए हिमकोटी रूट को फिलहाल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मार्ग को तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक इसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता।
पुराने मार्ग से जारी है माता की यात्रा
हिमकोटी मार्ग बंद होने के बावजूद माता वैष्णो देवी भवन की यात्रा पूरी तरह रुकी नहीं है। श्रद्धालुओं को पुराने मार्ग की ओर भेजा जा रहा है, जहां से यात्रा सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार शाम तक करीब 17 हजार श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके थे। इससे साफ है कि भूस्खलन का असर फिलहाल पूरे यात्रा मार्ग पर नहीं पड़ा है।
मलबा हटाने का काम शुरू
भूस्खलन के बाद रास्ते को साफ करने और स्थिति सामान्य करने के लिए कर्मचारियों को मौके पर लगाया गया है। मलबा हटाने के साथ मार्ग की सुरक्षा जांच भी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सफाई और जरूरी मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ही हिमकोटी मार्ग को दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। प्रशासन लगातार पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में श्राइन बोर्ड और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। फिलहाल पुराने रास्ते से यात्रा जारी रहने के कारण श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है। यात्रियों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और बंद किए गए हिमकोटी मार्ग पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।