Vande Bharat Revenue : भारतीय रेलवे की वंदे भारत ट्रेनें अब सिर्फ तेज सफर का माध्यम नहीं रहीं, बल्कि रेलवे के लिए कमाई का बड़ा जरिया भी बन गई हैं। 2019 में शुरू हुई इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेवा ने यात्रियों के बीच खास पहचान बनाई है। आधुनिक सुविधाएं, बेहतर आराम और कम यात्रा समय की वजह से इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। मार्च 2026 तक वंदे भारत ट्रेनों ने एक लाख से ज्यादा यात्राएं पूरी कर ली हैं और 9.1 करोड़ से अधिक यात्री इन ट्रेनों में सफर कर चुके हैं।
यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026 में वंदे भारत ट्रेनों से करीब 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। यह वित्त वर्ष 2025 के मुकाबले लगभग 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। यात्रियों की बढ़ती संख्या यह दिखाती है कि देश में प्रीमियम रेल यात्रा की मांग तेजी से बढ़ रही है। नई दिल्ली-वाराणसी रूट इस नेटवर्क का सबसे व्यस्त मार्ग बनकर उभरा है, जहां अब तक 73 लाख से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं।
एसी श्रेणियों से हुई तगड़ी कमाई
रेलवे की कमाई में सबसे बड़ा योगदान एसी थ्री टियर और एसी चेयर कार श्रेणियों का रहा है। एसी थ्री टियर श्रेणी ने वित्त वर्ष 2025 में 3,645 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया। वहीं एसी चेयर कार ने भी शानदार वापसी करते हुए 376 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ दर्ज किया। इससे साफ है कि यात्री बेहतर सुविधाओं के लिए अतिरिक्त खर्च करने को तैयार हैं और यही रेलवे की आय बढ़ाने में मदद कर रहा है।
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कुछ श्रेणियां अभी भी घाटे में
जहां एसी श्रेणियों ने रेलवे की झोली भरी, वहीं कुछ वर्ग अभी भी नुकसान में चल रहे हैं। साधारण श्रेणी में रेलवे को घाटा उठाना पड़ा है। इसके अलावा फर्स्ट क्लास श्रेणी में भी करीब 49 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया। इसके बावजूद कुल मिलाकर वंदे भारत सेवाएं रेलवे के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही हैं।
देशभर में दौड़ रहीं 162 ट्रेनें
वर्तमान समय में देश के विभिन्न रूटों पर 162 वंदे भारत सेवाएं संचालित हो रही हैं। रेलवे लगातार इनके नेटवर्क का विस्तार कर रहा है ताकि अधिक शहरों को तेज और आधुनिक रेल सेवा से जोड़ा जा सके। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ने की संभावना है।
स्लीपर वंदे भारत को भी शानदार प्रतिक्रिया
इस साल जनवरी में शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर सेवा को भी यात्रियों का अच्छा समर्थन मिला है। शुरुआती तीन महीनों में ही इस सेवा ने 1.21 लाख से अधिक यात्रियों को सफर कराया। खास बात यह रही कि इसकी ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि लंबी दूरी के सफर में भी वंदे भारत रेलवे की कमाई और लोकप्रियता दोनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।