संसद के शीतकालीन सत्र में आज लोकसभा का माहौल बेहद गरम रहने वाला है, क्योंकि ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर एक विशेष चर्चा होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक बहस की शुरुआत करेंगे, जबकि विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी और गौरव गोगोई प्रमुख वक्ता होंगे। लगभग 10 घंटे चलने वाली इस बहस में दोनों पक्षों के दिग्गज नेताओं की दलीलों और ऐतिहासिक संदर्भों पर पूरा देश नजर रखेगा।
पीएम मोदी की अगुवाई में ऐतिहासिक चर्चा की शुरुआत
लोकसभा में दोपहर बाद शुरू होने वाली यह चर्चा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक यात्रा, स्वतंत्रता संग्राम में इसके प्रभाव और वर्तमान संदर्भों को समर्पित है। प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में इसके रचनाकार बंकिम चंद्र चटर्जी, प्रथम प्रकाशन और आजादी के आंदोलन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों का उल्लेख कर सकते हैं। विपक्ष भी उनकी टिप्पणी पर समान जोश के साथ जवाब देने की तैयारी में है।
दोनों टीमों की लिस्ट तैयार, रात तक चल सकती है बहस
इस बहस में सत्ता पक्ष से पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, अनुराग ठाकुर, तेजस्वी सूर्या, संबित पात्रा और बांसुरी स्वराज जैसे नाम शामिल हैं। वहीं विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा, गौरव गोगोई, दीपेंद्र हुड्डा, बिमोल अकोइजम और ज्योत्सना महंत अपनी बात रखेंगे। बहस के लिए दस घंटे का समय निर्धारित है, इसलिए लोकसभा के देर रात तक चलने की संभावना जताई जा रही है।
विवादों के बीच ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
चर्चा से पहले पीएम मोदी की पिछली टिप्पणी पर राजनीतिक तापमान बढ़ चुका है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने 1937 में गीत की कुछ पंक्तियाँ हटाने का निर्णय लिया था। कांग्रेस का दावा है कि यह सलाह रवींद्रनाथ टैगोर के अनुरोध पर दी गई थी, ताकि हर समुदाय की भावनाओं को सम्मान मिले। इस ऐतिहासिक मतभेद को लेकर भी आज बहस में कई तर्क और प्रति-तर्क सुनाई दे सकते हैं।
सदन में हंगामे की आशंका, अन्य मुद्दे भी गरमाएंगे माहौल
वंदे मातरम पर चर्चा शुरू होने से पहले विपक्ष एक एयरलाइन से जुड़े विवाद पर सवाल उठा सकता है, जिससे शुरुआती हंगामे की संभावना बढ़ गई है। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा और कंगना रनौत के तीखे बयानों ने भी बहस से पहले का माहौल और गर्म कर दिया है। वहीं राज्यसभा में इस विषय पर चर्चा मंगलवार को जारी रहेगी, जिसकी शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह कर सकते हैं।
देश की नजर संसद पर, नया राजनीतिक इतिहास लिखने की तैयारी
इस विशेष चर्चा को सरकार और विपक्ष दोनों ही अपनी वैचारिक स्थिति मजबूत करने का मौका मान रहे हैं। राष्ट्रीय भावना, सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम’ की भूमिका जैसे मुद्दों पर आज सदन में भावनात्मक और राजनीतिक दोनों तर्क रखे जाएंगे। यह बहस आने वाले महीनों में राजनीति की दिशा तय कर सकती है।