Vande Mataram Controversy --वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। बीजेपी ने मामले को लेकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। पार्टी आज भोपाल में कैंडल मार्च निकालेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मामले पर नाराजगी जताते हुए राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कथित तौर पर अपमान करने वाले नेताओं से देश से माफी मांगने की अपील की है।
CM मोहन ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आजादी की लड़ाई में देशभक्तों ने वंदे मातरम गाते हुए अपना जीवन तक बलिदान कर दिया। ऐसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बेहद निंदनीय है। उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत कथित तौर पर अपमान करने वाले नेताओं से देश से माफी मांगने की बात कही। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि वे अपनी गलती स्वीकार कर जल्द माफी मांगेंगे।
भोपाल में BJP निकालेगी कैंडल मार्च
बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर भोपाल में विरोध प्रदर्शन का फैसला किया है। पार्टी की ओर से शाम 6 बजे रेड क्रॉस हॉस्पिटल से कैंडल मार्च शुरू किया जाएगा। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के पास प्रदर्शन करेंगे। पार्टी के अलग-अलग मोर्चों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के इस कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही गई है।
कांग्रेस को घेरने की तैयारी
बीजेपी इस कैंडल मार्च के जरिए कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल उठाएगी। पार्टी का कहना है कि वंदे मातरम देश की आजादी के संघर्ष से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है और इसके सम्मान से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की तैयारी में है।
15 अगस्त के कार्यक्रम का वीडियो बना विवाद की वजह
दरअसल, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के बातचीत करने और अपना स्थान बदलने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी ने इसे राष्ट्रगीत का कथित अपमान बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित इशारों को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस और गांधी परिवार से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। अब इस पूरे मामले ने मध्य प्रदेश में राजनीतिक रंग ले लिया है और बीजेपी के कैंडल मार्च के बाद सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।