
वाराणसी में गंगा नदी लगातार उफान पर है और अब इसका पानी शहर के रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है. पक्के घाटों और किनारे के कई मंदिरों को अपने आगोश में लेने के बाद अब गंगा की लहरें सड़कों पर बहने लगी हैं. जिला प्रशासन के मुताबिक अब तक शहर के 24 मोहल्ले और 44 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. इससे करीब एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.
श्मशान घाटों पर जगह नहीं
हरिश्चंद्र घाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है. मणिकर्णिका घाट पर भी बाढ़ का असर है. लोग शवों को नावों की मदद से श्मशान घाट की छत पर ले जाकर अंतिम संस्कार कर रहे हैं. वहीं दशाश्वमेध घाट पर स्थित काली मंदिर के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है. वहीं डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट के सामने सड़क से महज पांच सीढियां नीचे पानी था. आशंका है कि पानी सड़क पर चढ़ सकता है.
खड़ी फसलें डूबी
सैकड़ों हेक्टेयर में खड़ी फसलें पानी में डूब चुकी हैं. रविवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर से 63 सेंटीमीटर ऊपर था. अस्सी घाट, शीतला घाट, और रामनगर दुर्ग तक पानी पहुँच गया है. अस्सी और वरुणा नदियों से होकर पानी शहर की कई कॉलोनियों तक पहुंच गया है. दो दर्जन से ज्यादा कॉलोनियां इससे प्रभावित हैं.
राहत शिविरों में लोगों को पहुंचाया गया
नगवा नाले से पानी रामेश्वर मठ और संगमपुरी कॉलोनी तक पहुंच चुका है. सोनकर और दलित बस्ती में पानी घुसने से 70 परिवारों को गोपीराधा विद्यालय में बनाए गए राहत केंद्र में शिफ्ट किया गया है. गंगोत्री विहार और आसपास के 12 परिवारों को भी सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है.
संकटमोचन मंदिर के पीछे रास्ता बंद
नगवा नाले से संकटमोचन मंदिर के पीछे पानी पहुंच गया है, जिससे यहां का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है. यहां के कई परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है. अगर अगले 24 घंटे तक जलस्तर बढ़ता रहा तो साकेतनगर, रोहितनगर, सराय नंदन, सराय सुर्जन, बटुआपुरा और डुमराव बाग कॉलोनी भी बाढ़ की चपेट में आ सकती हैं.
गंगा का पानी अब सामनेघाट तिराहे से होते हुए लंका की ओर बढ़ चला है. सीवर लाइन जाम होने की वजह से नजदीकी कॉलोनियों में पानी घुसने का खतरा और बढ़ गया है.
प्रशासन सतर्क, पंप लगाए गए
ज्ञान प्रवाह नाले के चैनल गेट पर सिंचाई विभाग ने अपने कर्मचारियों को तैनात किया है. कॉलोनियों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं. जज गेस्ट हाउस तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह डूब चुका है. वाराणसी में गंगा की बाढ़ ने हालात गंभीर बना दिए हैं. प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है और लगातार निगरानी की जा रही है.