वाराणसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को आध्यात्मिक नगरी काशी पहुंचे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और बाबा कालभैरव मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने काशी के बदले स्वरूप और यहां हुए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि काशी आकर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुभव होता है।
काशी विश्वनाथ धाम में विशेष दर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और पूजन किया। मंदिर परिसर में उन्होंने करीब 20 मिनट का समय बिताया और कॉरिडोर की भव्यता व सुव्यवस्थित व्यवस्था को नजदीक से देखा। दर्शन के दौरान उनके साथ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बाबा कालभैरव के चरणों में किया नमन
विश्वनाथ धाम के बाद मुख्यमंत्री बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन किए। उन्होंने बाबा कालभैरव से प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को देखकर अभिवादन किया।
काशी में हुए विकास की सराहना
दर्शन के बाद विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार से बाहर निकलते समय मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि काशी अब पहले से काफी बदल चुकी है। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की सुविधाएं उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई हैं। उन्होंने इसे मजबूत नेतृत्व और योजनाबद्ध विकास का परिणाम बताया।
राजनीतिक मुद्दों पर भी रखी बात
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि नए नेतृत्व में संगठन नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा और आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी बेहतर प्रदर्शन करेगा।
आध्यात्म और विकास का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। यहां आकर परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने काशी के विकास मॉडल को अन्य धार्मिक शहरों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।