टी20 क्रिकेट में कई बार खिलाड़ी नहीं बल्कि हालात बदल जाते हैं और यही इस वक्त वरुण चक्रवर्ती के साथ होता दिख रहा है। जो गेंदबाज कुछ समय पहले तक बल्लेबाजों के लिए पहेली बना हुआ था, अब उसी पर खुलकर हमले हो रहे हैं। हालिया मुकाबलों में उनकी गेंदों पर लगातार रन बरस रहे हैं, जिससे उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
ईडन गार्डन्स में खुलकर हुई पिटाई
ईडन गार्डन्स में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में वरुण की गेंदबाजी पर जमकर प्रहार हुआ। खासतौर पर अभिषेक शर्मा ने एक ओवर में कई बड़े शॉट लगाकर मैच का रुख बदल दिया। वरुण ने अपने शुरुआती ओवर में ही 25 रन लुटा दिए, जिससे दबाव और बढ़ गया। यह सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि लगातार गिरती लय का संकेत बन गया।
आंकड़े दे रहे गिरावट की गवाही
पिछले 7 टी20 मुकाबलों में वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है। 25 ओवरों में उन्होंने 300 से ज्यादा रन खर्च किए और उनकी इकोनॉमी 12 से ऊपर चली गई। इस दौरान उन्हें सिर्फ 5 विकेट मिले। वहीं इससे पहले के मैचों में उनका प्रदर्शन शानदार था, जहां उन्होंने कम रन देकर ज्यादा विकेट हासिल किए थे। यह अंतर साफ दिखाता है कि बल्लेबाज अब उनकी रणनीति को समझ चुके हैं।
तकनीक में बदलाव बना परेशानी
विश्लेषण में सामने आया है कि वरुण की गेंदों की लेंथ और गति में बदलाव उनकी कमजोरी बन रही है। वह विकेट लेने की जल्दबाजी में गेंद की रफ्तार बढ़ा रहे हैं, जिससे स्पिन कम हो रही है। यही वजह है कि बल्लेबाज उनकी गेंदों को आसानी से पढ़कर बड़े शॉट खेल पा रहे हैं। हालिया मैचों में लगातार चौके-छक्के लगना इसी बदलाव का नतीजा है।
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टीम मैनेजमेंट का भरोसा कायम
हालांकि कोलकाता नाइट राइडर्स का मैनेजमेंट अभी भी वरुण पर भरोसा बनाए हुए है। कोच का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और बल्लेबाजों की बेहतर तैयारी इसका कारण है। टीम इस बात पर भी विचार कर रही है कि उन्हें अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी का मौका दिया जाए, ताकि वह अपनी लय वापस पा सकें।
वापसी की चुनौती और उम्मीद
फिलहाल वरुण चक्रवर्ती के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी मिस्ट्री को फिर से धार देना है। टी20 क्रिकेट में कोई भी रणनीति ज्यादा दिन तक काम नहीं करती, इसलिए बदलाव जरूरी होता है। आने वाले मैच यह तय करेंगे कि यह सिर्फ एक खराब दौर है या फिर उन्हें अपने खेल में बड़ा बदलाव करना होगा। लेकिन इतना तय है कि उनके पास वापसी की पूरी क्षमता मौजूद है।