Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि सही दिशा में रखी गई वस्तुएं घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने में मदद करती हैं। इन्हीं दिशाओं में उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस हिस्से का संबंध भगवान शिव और देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है। यही वजह है कि यहां कुछ विशेष चीजें रखना शुभ माना जाता है। अगर आप भी घर के ईशान कोण को सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रखना चाहते हैं तो कुछ वस्तुओं को यहां स्थापित कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार के योग बनते हैं।
गुरु यंत्र या भगवान शिव की प्रतिमा
ईशान कोण में गुरु यंत्र रखना शुभ माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति का संबंध ज्ञान, समृद्धि और उन्नति से है। वहीं इस दिशा का संबंध भगवान शिव से भी माना जाता है। ऐसे में यहां शिव जी की प्रतिमा या तस्वीर रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। माना जाता है कि इससे करियर और धन से जुड़े मामलों में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
शंख रखने की मान्यता
शंख को भगवान विष्णु से जुड़ा पवित्र प्रतीक माना जाता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ईशान कोण में शंख रखना शुभ फल देने वाला हो सकता है। यदि यहां शंख स्थापित किया गया है तो उसकी नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि इस शंख को घर के सदस्यों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को नहीं छूना चाहिए। साथ ही इसे सामान्य शंख की तरह बजाने के बजाय पूजा स्थल पर रखना अधिक उचित माना जाता है।
ईशान कोण में रखें कलश
हिंदू धर्म में कलश का विशेष धार्मिक महत्व है। पूजा-पाठ और शुभ कार्यों में इसका इस्तेमाल देवी-देवताओं के आह्वान के लिए किया जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर के उत्तर-पूर्व हिस्से में कलश रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं। कुछ मान्यताओं में इसे परिवार की समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य से भी जोड़कर देखा गया है।
श्रीफल रखना भी माना जाता है शुभ
नारियल यानी श्रीफल को धार्मिक रूप से बेहद पवित्र माना गया है। इसे माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार ईशान कोण में श्रीफल रखने से घर में धन-धान्य की वृद्धि के सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। इसे घर के वातावरण की शुद्धता और सकारात्मकता से भी जोड़ा जाता है। माना जाता है कि श्रीफल की मौजूदगी से घर में सात्विक माहौल बना रहता है।
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ईशान कोण को क्यों माना जाता है खास?
उत्तर और पूर्व दिशा के मिलन वाले स्थान को ईशान कोण कहा जाता है। वास्तु शास्त्र में इसे बेहद शुभ स्थान माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां पूजा-पाठ करना और इसे साफ-सुथरा रखना विशेष लाभकारी माना जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।