Vastu Tips: घर में समय के साथ सामान का पुराना होना या किसी चीज का खराब हो जाना सामान्य बात है। कई बार लोग टूटे बर्तन, बंद घड़ी, खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या पुराना फर्नीचर यह सोचकर संभालकर रखते रहते हैं कि कभी काम आ जाएगा। धीरे-धीरे यही सामान घर में कबाड़ बढ़ाने लगता है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं में घर के आसपास मौजूद चीजों का वातावरण और ऊर्जा पर प्रभाव माना गया है। इसी वजह से टूटे या बेकार सामान को लंबे समय तक घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं में भी साफ-सफाई और व्यवस्थित घर को सकारात्मकता से जोड़कर देखा गया है। माना जाता है कि अनावश्यक चीजों का जमाव घर के माहौल को बोझिल बना सकता है और परिवार के सदस्यों पर भी इसका मानसिक असर पड़ सकता है।
टूटी चीजों को लेकर क्या कहता है वास्तु?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, किसी वस्तु के टूटने के बाद उसे यूं ही घर में पड़े रहने देना उचित नहीं माना जाता। टूटे सामान को नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। खासकर अगर घर में लंबे समय तक खराब और अनुपयोगी वस्तुओं का ढेर लगा रहे तो इससे अव्यवस्था बढ़ती है। धार्मिक मान्यताओं में भी साफ-सुथरे और व्यवस्थित घर को माता लक्ष्मी के वास से जोड़ा गया है। इसी कारण बुजुर्ग अक्सर टूटे-फूटे सामान को समय रहते ठीक कराने या घर से बाहर करने की सलाह देते हैं।
घर में इन टूटी चीजों को न रखें
टूटा हुआ शीशा
वास्तु में टूटे कांच या शीशे को घर के लिए अच्छा नहीं माना जाता। शीशे में दरार आ गई हो या वह टूट गया हो तो उसे संभालकर रखने के बजाय बदल देना बेहतर माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा सामान घर के वातावरण में नकारात्मकता बढ़ा सकता है।
खराब या बंद घड़ी
घड़ी समय का प्रतीक है। इसलिए लंबे समय से बंद पड़ी या खराब घड़ी को घर में रखना वास्तु की दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता। अगर घड़ी ठीक हो सकती है तो उसकी मरम्मत करवा लें और अगर वह पूरी तरह खराब है तो उसे घर में जमा करके न रखें।
खंडित देवी-देवताओं की प्रतिमा
धार्मिक तस्वीर या देवी-देवता की प्रतिमा टूट जाए अथवा उसमें गंभीर दरार आ जाए तो उसे पूजा स्थल पर रखना उचित नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में धार्मिक परंपराओं के अनुसार खंडित प्रतिमा को सम्मानपूर्वक हटाने की सलाह दी जाती है।
चटके या टूटे बर्तन
कप, गिलास, प्लेट, कटोरी या अन्य बर्तन टूट गए हैं अथवा उनमें दरार आ चुकी है तो उन्हें रोजमर्रा के इस्तेमाल से बाहर कर देना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में टूटे बर्तनों को घर की सुख-समृद्धि के लिए अच्छा नहीं माना जाता। व्यावहारिक तौर पर भी ऐसे बर्तनों में खाना-पीना सुरक्षित नहीं हो सकता।
टूटा फर्नीचर
कुर्सी, मेज, पलंग, चौकी या कोई अन्य फर्नीचर खराब हो चुका है और लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रहा, तो उसे यूं ही घर में जगह देकर रखना ठीक नहीं। अगर उसकी मरम्मत संभव है तो उसे ठीक करवाएं, अन्यथा उसे हटा दें। इससे घर भी व्यवस्थित रहेगा और अनावश्यक सामान जमा नहीं होगा।
खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान
पुराने टीवी, मोबाइल, मिक्सर, प्रेस, हेयर ड्रायर या दूसरे खराब उपकरण अक्सर घर के किसी कोने में पड़े रहते हैं। लोग उन्हें इस उम्मीद में नहीं फेंकते कि कभी ठीक करवाकर इस्तेमाल करेंगे, लेकिन महीनों या वर्षों तक ऐसा सामान पड़ा रहता है। वास्तु की मान्यताओं के अनुसार ऐसे खराब उपकरणों का ढेर घर के वातावरण में असंतुलन पैदा कर सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।