उपहार देना भारतीय संस्कृति का एक सुंदर और पवित्र हिस्सा है। किसी खास मौके पर या अपने प्रियजनों को खुश करने के लिए हम अक्सर गिफ्ट चुनते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें गिफ्ट में देने से न केवल नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, बल्कि रिश्तों पर भी गलत असर पड़ सकता है। कई बार अनजाने में दिया गया उपहार भी गलत संदेश या अप्रिय परिस्थितियाँ पैदा कर देता है। इसलिए कौन-सी चीजें गिफ्ट में नहीं देनी चाहिए, इसे जानना बेहद जरूरी है।
1. घड़ी या वॉच
वास्तु के अनुसार किसी को घड़ी गिफ्ट करना समय की कमी, रिश्तों में दूरी और जीवन में रुकावट लाने वाला माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि घड़ी उपहार में देने से समय का प्रवाह बाधित होता है और दोनों लोगों के बीच अनचाहा तनाव बढ़ सकता है। यदि कोई घड़ी दे ही रहा हो, तो उसे प्रतीकात्मक रूप से कुछ सिक्कों के बदले लेना शुभ माना जाता है।
2. कैंची या चाकू
किसी भी प्रकार का धारदार सामान—जैसे चाकू, किचन नाइफ या कैंची—गिफ्ट में देना वास्तु के अनुसार रिश्तों को काटने या कमजोर करने का संकेत देता है। माना जाता है कि ऐसे उपहार से घर में वाद-विवाद, मतभेद या अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए इन्हें उपहार की सूची से हमेशा दूर रखना चाहिए।
3. रूमाल
रूमाल गिफ्ट करना वास्तु में अशुभ माना जाता है क्योंकि यह दुख, आंसू या भावनात्मक पीड़ा का प्रतीक है। यदि किसी को गलती से भी रूमाल दे दिया जाए, तो संबंधों में संवेदनशीलता और भावनात्मक अस्थिरता बढ़ सकती है। इसलिए जन्मदिन, त्योहार या शादी जैसे शुभ अवसरों पर रूमाल देना बिल्कुल टालना चाहिए।
4. खाली बर्तन या जार
खाली बर्तन देना घर की समृद्धि के लिए अच्छा नहीं माना जाता। यह संकेत देता है कि देने वाला व्यक्ति अपनी सकारात्मक ऊर्जा और संपन्नता दूसरों को खाली अवस्था में सौंप रहा है। यदि बर्तन देना ही हो, तो उसमें कुछ मीठा या अनाज भरकर देना बेहतर होता है ताकि उसका प्रभाव शुभ रहे।
5. मोमबत्ती या लाइटर
ज्योति का प्रतीक होने के बावजूद, वास्तु में मोमबत्ती या लाइटर गिफ्ट करना स्थिर ऊर्जा में हलचल लाने वाला माना गया है। यह रिश्तों में असंतुलन, अचानक तनाव या अनचाहे बदलाव का कारण बन सकता है। इसलिए इन्हें उपहार के रूप में देना उचित नहीं माना जाता।