Vastu Tips for Study Room: बच्चों की पढ़ाई के लिए केवल महंगी टेबल-कुर्सी या खूबसूरत कमरा ही काफी नहीं होता। पढ़ने की जगह शांत, साफ और व्यवस्थित हो तो बच्चे के लिए पढ़ाई पर ध्यान लगाना आसान हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कई माता-पिता स्टडी रूम की दिशा और वहां रखी चीजों पर भी ध्यान देते हैं। वास्तु शास्त्र में भी स्टडी रूम से जुड़ी कुछ मान्यताएं बताई गई हैं। वास्तु विशेषज्ञ आचार्य मदन मोहन के अनुसार, कमरे में कुछ विशेष वस्तुएं रखने से सकारात्मक वातावरण तैयार करने में मदद मिल सकती है।
स्टडी रूम में लगाएं स्वास्तिक
वास्तु में स्वास्तिक को शुभ प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसे बच्चों के पढ़ने वाले कमरे की पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगाया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि स्वास्तिक का चिन्ह आसपास सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक होता है।
खिड़की के पास रखें ब्राह्मी का पौधा
ब्राह्मी को पारंपरिक रूप से याददाश्त और मानसिक सक्रियता से जोड़कर देखा जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार स्टडी रूम की खिड़की के आसपास ब्राह्मी का पौधा रखना शुभ माना जाता है। पौधा रखते समय यह जरूर ध्यान रखें कि उसे पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा मिलती रहे। कमरे में हरियाली रहने से वातावरण भी अधिक ताजा और आरामदायक महसूस हो सकता है।
दीवार पर लगाएं कैलेंडर
कैलेंडर केवल तारीख देखने के काम नहीं आता, बल्कि बच्चों को समय और दिनचर्या का एहसास कराने में भी मदद कर सकता है। वास्तु के अनुसार इसे उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा की दीवार पर लगाने की सलाह दी जाती है। बच्चे कैलेंडर की मदद से परीक्षा, प्रोजेक्ट और पढ़ाई से जुड़े जरूरी कामों की योजना पहले से बना सकते हैं। इससे टाइम मैनेजमेंट की आदत विकसित करने में मदद मिल सकती है।
चौकोर या आयताकार स्टडी टेबल रखें
बच्चों के लिए स्टडी टेबल चुनते समय उसका आकार भी महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु के अनुसार चौकोर या आयताकार मेज को स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। हालांकि टेबल का आकार चुनने से ज्यादा जरूरी यह है कि बच्चे को बैठते समय पर्याप्त जगह मिले और पढ़ाई के दौरान आंखों पर ज्यादा दबाव न पड़े। टेबल को ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां पर्याप्त प्राकृतिक या उचित कृत्रिम रोशनी उपलब्ध हो।
स्टडी टेबल पर रखें जामुनी क्वार्ट्ज
जामुनी क्वार्ट्ज, जिसे आमतौर पर एमेथिस्ट भी कहा जाता है, को वास्तु में मानसिक शांति और एकाग्रता से जोड़ा जाता है। इसे बच्चे की स्टडी टेबल पर रखने की मान्यता है। कहा जाता है कि यह वातावरण को शांत रखने में सहायक हो सकता है और पढ़ाई के दौरान ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। हालांकि, इन प्रभावों को वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किया गया है।
बच्चे की पढ़ाई के लिए ये बातें भी हैं जरूरी
स्टडी रूम में वास्तु से जुड़ी चीजें रखने के साथ-साथ पढ़ाई का नियमित समय, पर्याप्त नींद और संतुलित दिनचर्या पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। कमरे में अनावश्यक शोर और ध्यान भटकाने वाली चीजों को कम रखना भी बच्चे की एकाग्रता के लिए फायदेमंद हो सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।