इस वर्ष वट सावित्री व्रत 26 मई, सोमवार को मनाया जाएगा। यह व्रत हिंदू स्त्रियों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन वे अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए उपवास रखती हैं। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर सावित्री की तरह पति की रक्षा और जीवन की कामना करती हैं। व्रत में नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है, विशेषकर यह जानना कि व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं। यदि सावधानी न बरती जाए, तो व्रत का पुण्यफल अधूरा रह सकता है। आइए जानें इस विशेष दिन पर व्रती महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
वट सावित्री व्रत में क्या खाएं?
व्रत के दौरान सात्विक और शुद्ध आहार का सेवन करना चाहिए। व्रत से एक दिन पहले हल्का, सात्विक और घर का बना भोजन करना उचित होता है। व्रत के दिन महिलाएं साबुदाना खिचड़ी, समा के चावल, राजगिरा की खीर, कुट्टू की रोटी जैसे फलाहारी भोजन कर सकती हैं। फल जैसे केला, सेब, आम, तरबूज और खीरा खाया जा सकता है। साथ ही दूध, दही, छाछ, नारियल पानी और शुद्ध घी से बनी मिठाई भी ली जा सकती है। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए शरबत या पानी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए।
व्रत में किन चीजों से करें परहेज?
वट सावित्री व्रत में मांसाहार, लहसुन-प्याज, शराब, सिगरेट और अन्य तामसिक चीजें पूरी तरह वर्जित हैं। इस दिन अन्न नहीं खाना चाहिए, खासकर गेहूं, चावल या दाल से बने भोजन से बचें। बाहर का तला-भुना, बासी खाना और जंक फूड नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। कई स्थानों पर व्रत में नमक खाना भी मना होता है, इसलिए सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है।
इन नियमों का रखें विशेष ध्यान
व्रत करने वाली महिलाओं को धूप में बाहर नहीं जाना चाहिए और न ही भारी कार्य करना चाहिए। इससे कमजोरी आ सकती है। अगर आप निर्जला व्रत रख रही हैं, तो व्रत शुरू करने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी या तरल पदार्थ लें ताकि निर्जला व्रत आसानी से निभ सके। पूजा के बाद वट वृक्ष की परिक्रमा करके पति की लंबी उम्र की कामना करनी चाहिए।