VDA Hike Minimum Wages 2026 : त्योहारों से पहले केंद्र सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र के तहत आने वाले लाखों श्रमिकों को राहत दी है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के श्रम ब्यूरो ने 1 अक्टूबर 2026 से Variable Dearness Allowance यानी VDA में संशोधन किया है। इसके साथ ही कृषि, निर्माण और कुछ अन्य निर्धारित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ गई है। नया आदेश 30 सितंबर को जारी किया गया था।
महंगाई के हिसाब से बदला VDA
VDA में यह बदलाव औद्योगिक श्रमिकों के Consumer Price Index यानी CPI-IW के आधार पर किया गया है। 30 जून 2026 को CPI-IW बढ़कर 431.42 हो गया, जबकि इससे पहले यह 424.80 था। यानी सूचकांक में 6.62 अंकों की बढ़ोतरी हुई। इसी आधार पर 1 अक्टूबर से संशोधित VDA लागू किया गया है। VDA न्यूनतम मजदूरी का वह हिस्सा है, जिसे महंगाई के असर को कम करने के लिए समय-समय पर बदला जाता है।
निर्माण श्रमिकों की मजदूरी कितनी हुई
निर्माण और रखरखाव से जुड़े काम में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी उनके कौशल और कार्यस्थल के क्षेत्र के हिसाब से तय होगी। Area A में अकुशल श्रमिक को ₹840, अर्ध-कुशल को ₹933, कुशल को ₹1,024 और अत्यधिक कुशल श्रमिक को ₹1,111 प्रतिदिन मिलेंगे। Area B में ये दरें क्रमशः ₹704, ₹794, ₹933 और ₹1,024 हैं। वहीं Area C में ₹565, ₹661, ₹794 और ₹933 प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी तय की गई है।
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कृषि मजदूरों के लिए भी बढ़ी दरें
कृषि क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी 1 अक्टूबर से नई न्यूनतम मजदूरी लागू है। Area A में अकुशल श्रमिक को ₹537, अर्ध-कुशल को ₹587, कुशल को ₹637 और अत्यधिक कुशल को ₹705 प्रतिदिन मिलेंगे। Area B में यही दरें ₹491, ₹539, ₹587 और ₹655 हैं। Area C में अकुशल श्रमिक के लिए ₹486, अर्ध-कुशल के लिए ₹496, कुशल के लिए ₹538 और अत्यधिक कुशल श्रमिक के लिए ₹587 प्रतिदिन तय किए गए हैं।
किन कामगारों को मिलेगा फायदा
यह संशोधन सिर्फ निर्माण और कृषि तक सीमित नहीं है। केंद्रीय क्षेत्र के न्यूनतम मजदूरी ढांचे के तहत सफाई, चौकीदारी, माल ढुलाई और कुछ निर्धारित खनन गतिविधियों में काम करने वाले श्रमिक भी नई दरों के दायरे में आते हैं। निर्माण श्रेणी में सड़क, रनवे और भवन निर्माण के साथ भूमिगत बिजली, संचार और टेलीफोन केबल, पानी की पाइपलाइन तथा सीवरेज लाइन बिछाने जैसे काम भी शामिल हैं। नए VDA का उद्देश्य महंगाई बढ़ने पर श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में आवश्यक समायोजन करना है।