माइनिंग और मेटल सेक्टर की प्रमुख कंपनी वेदांता ग्रुप ने अपने कॉपर और निकल कारोबार को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने तांबा कारोबार को नया नाम 'वेदांता कॉपर' और निकल कारोबार को 'वेदांता निकल' के रूप में रीब्रांड करने की घोषणा की है। यह बदलाव समूह की 'वेदांता 2.0' रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य कारोबार को अधिक संगठित, स्पष्ट और निवेशकों के लिए आसानी से पहचान योग्य बनाना है।
कॉपर कारोबार एक ही ब्रांड के तहत होगा संचालित
कंपनी के अनुसार तांबा कारोबार से जुड़ी विभिन्न इकाइयों को अब एकीकृत पहचान दी जाएगी। स्टरलाइट कॉपर, फुजैरा गोल्ड और वेदांता कॉपर इंटरनेशनल जैसी सभी इकाइयां अब 'वेदांता कॉपर' ब्रांड के अंतर्गत काम करेंगी। इससे कंपनी को वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वेदांता कॉपर इंटरनेशनल कंपनी के अंतरराष्ट्रीय संचालन का प्रतिनिधित्व करेगा, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
निकल कारोबार को भी मिली नई पहचान
कंपनी ने अपने निकल व्यवसाय में भी बड़ा बदलाव किया है। अब तक 'वेदांता निको' के नाम से संचालित यह कारोबार आगे 'वेदांता निकल' के नाम से जाना जाएगा। कंपनी का मानना है कि बैटरी निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों में निकल की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इस कारोबार को अलग और मजबूत पहचान देना भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा है।
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उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर फोकस
वेदांता ने आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार करने की योजना भी बनाई है। कंपनी का लक्ष्य अगले वर्ष के अंत तक तांबा उत्पादन क्षमता को 460 किलो टन प्रति वर्ष तक पहुंचाने का है। वहीं निकल उत्पादन को मौजूदा 7 किलो टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 60 किलो टन प्रति वर्ष तक ले जाने की योजना बनाई गई है। इससे कंपनी को महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बाजार और निवेशकों से जुड़ाव होगा बेहतर
कंपनी का कहना है कि नए ब्रांड नामों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जबकि दोनों कारोबार पहले की तरह वेदांता लिमिटेड के तहत ही संचालित होते रहेंगे। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक एकीकृत ब्रांड पहचान से संचालन में बेहतर तालमेल, बाजार में मजबूत दृश्यता और निवेशकों व अन्य हितधारकों के साथ जुड़ाव को नई मजबूती मिलेगी। वेदांता का मानना है कि यह कदम भविष्य की टिकाऊ वृद्धि और प्रतिस्पर्धी बाजार में बेहतर स्थिति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।