देश की बड़ी खनन और धातु कंपनी वेदांता समूह पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) से जुड़े एक मामले की जांच के तहत मंगलवार को ईडी ने कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद कारोबारी जगत में हलचल बढ़ गई है और निवेशकों की नजरें भी इस मामले पर टिक गई हैं।
दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
जानकारी के मुताबिक ईडी की टीमों ने कंपनी से जुड़े परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई फेमा नियमों के कथित उल्लंघन की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी विदेशी लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। फिलहाल कार्रवाई जारी है और एजेंसी ने अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
कंपनी ने दिया जवाब
ईडी की कार्रवाई के बाद वेदांता की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वेदांता जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि एजेंसियों द्वारा मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करती है और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
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क्या है फेमा कानून
फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट यानी फेमा भारत में विदेशी मुद्रा, विदेशी निवेश और विदेशों में संपत्ति से जुड़े लेनदेन को नियंत्रित करता है। इस कानून के तहत विदेशी फंड के इस्तेमाल और ट्रांसफर को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। यदि किसी कंपनी पर इन नियमों के उल्लंघन का संदेह होता है तो ईडी को जांच करने और जरूरी कार्रवाई करने का अधिकार होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार वेदांता पर कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन में नियमों की अनदेखी करने के आरोपों की जांच की जा रही है।
शेयर बाजार की नजरें टिकीं
इस खबर के सामने आते ही बाजार में भी चर्चा तेज हो गई। हालांकि शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट नहीं देखी गई और शेयर करीब 339 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। निवेशक अब जांच के अगले चरण और कंपनी की ओर से आने वाले आधिकारिक बयानों पर नजर बनाए हुए हैं।
वैश्विक स्तर पर फैला कारोबार
वेदांता लिमिटेड देश की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन और धातु कंपनियों में शामिल है। कंपनी का कारोबार धातु, खनिज, ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। भारत के अलावा अफ्रीका, मध्य पूर्व और पूर्वी एशिया के कई देशों में भी कंपनी की मौजूदगी है। ऐसे में ईडी की इस कार्रवाई को कारोबारी जगत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।