बागपत के बरवाला गांव के वीर सपूत सूबेदार विकास तोमर जब अपने घर लौटे, तो उनका स्वागत किसी हीरो की तरह हुआ. ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया गया. उन्हें सम्मानपूर्वक कार में बिठाकर पूरे कस्बे में रैली निकाली गई, जहां हर कोई उन्हें सलामी देता नजर आया.
देशभक्ति की भावना से सराबोर हुआ बागपत
सड़कों पर उमड़े लोगों ने जब विकास तोमर को देखा, तो पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की भावना लहराने लगी. लोगों की आंखों में गर्व साफ झलक रहा था. ऐसा दृश्य शायद ही कभी देखा गया हो, जब पूरा शहर किसी सैनिक के स्वागत के लिए इस तरह उमड़ पड़े.
शौर्य चक्र से सम्मानित हुए वीर योद्धा
विकास तोमर को हाल ही में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों शौर्य चक्र से नवाजा गया. यह वीरता सम्मान उन्हें 11 सितंबर 2024 को कश्मीर के धागरी के जंगलों में आतंकियों से लोहा लेने के लिए दिया गया है.
120 घंटे की जंग, अदम्य साहस की मिसाल
वन पैराशूट रेजिमेंट (पैरा स्पेशल फोर्स) के सूबेदार विकास तोमर ने 120 घंटों तक आतंकियों से मुकाबला किया. इस दौरान उन्होंने घायल साथियों को सुरक्षित निकाला और एक आतंकी को ढेर कर बड़ी साजिश नाकाम की.
गांव का गौरव, देश का रक्षक
बरवाला गांव निवासी विकास तोमर ने ना सिर्फ अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया, बल्कि पूरी सेना का गौरव भी बढ़ाया. उनके पिता ओंकार सिंह और मां सरोज देवी भी बेटे की वीरता पर गर्वित हैं. अब पूरा देश इस बहादुर बेटे को सलाम कर रहा है.