Ankit Sharma Murder Case: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 के दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में छह साल बाद अदालत का फैसला सामने आया है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया है। हालांकि अदालत ने ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) के आरोप से बरी कर दिया। वहीं मामले में कुछ अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी किया गया है। अब दोषियों की सजा पर अदालत अलग से फैसला सुनाएगी।
सीएए विरोध प्रदर्शन के बीच भड़की थी हिंसा
फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन और विरोध को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, चांदबाग, मौजपुर, करावल नगर और खजूरी खास जैसे इलाकों में तनाव बढ़ गया था। 24 फरवरी को यह तनाव हिंसा में बदल गया और कई जगह आगजनी, पथराव तथा फायरिंग की घटनाएं हुईं। हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई इलाकों में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद हिंसा कई दिनों तक जारी रही।
25 फरवरी को लापता हुए थे अंकित शर्मा
25 फरवरी 2020 को आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा अपने घर से बाहर निकले थे, जिसके बाद वे लापता हो गए। अगले दिन उनका शव एक नाले से बरामद हुआ। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि हिंसक भीड़ ने उनकी हत्या कर शव नाले में फेंक दिया था। अंकित शर्मा के
पिता की शिकायत पर ताहिर हुसैन सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और मामले की विस्तृत जांच शुरू की।
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चार्जशीट से फैसले तक का सफर
जून 2020 में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की, जिसमें ताहिर हुसैन समेत कई लोगों पर हत्या, दंगा और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए। मार्च 2023 में अदालत ने आरोप तय करते हुए मुकदमे की सुनवाई शुरू की। 13 जुलाई 2026 को कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को विभिन्न आरोपों में दोषी ठहराया, जबकि कुछ अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद अब सभी की नजर दोषियों की सजा पर होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है।
क्या रही पूरे मामले की प्रमुख टाइमलाइन?
17–23 फरवरी 2020: सीएए को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तनाव बढ़ा।
24 फरवरी 2020: कई इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा भड़की।
25 फरवरी 2020: अंकित शर्मा लापता हुए।
26 फरवरी 2020: नाले से उनका शव बरामद हुआ, एफआईआर दर्ज हुई।
27 फरवरी 2020: एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की गई।
3 जून 2020: पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
23 मार्च 2023: अदालत ने आरोप तय कर मुकदमे की सुनवाई शुरू की।
13 जुलाई 2026: कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया, जबकि अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।