Ankit Sharma MurderCase: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों की सजा पर फैसला 31 जुलाई तक सुरक्षित रख लिया है। सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा। अभियोजन पक्ष ने सभी दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है, जबकि बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए मामले को दुर्लभतम श्रेणी का नहीं बताया।
अभियोजन ने हत्या को बताया बेहद क्रूर
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया कि अंकित शर्मा की हत्या अत्यंत निर्ममता के साथ की गई। अभियोजन ने तर्क दिया कि हत्या के बाद भी मृतक पर धारदार हथियार से कई वार किए गए, जो अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस ने अदालत से कहा कि इस मामले में दोषियों के प्रति नरमी बरतने का कोई आधार नहीं बनता और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
बचाव पक्ष ने मृत्युदंड का किया विरोध
ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि मृत्युदंड केवल दुर्लभतम मामलों में ही दिया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि इस मामले में आपराधिक साजिश साबित नहीं हुई है और अदालत पहले ही संबंधित आरोप से ताहिर हुसैन को बरी कर चुकी है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत कोअदालत ने ताहिर हुसैन, नजीर, असीम, जावेद और अनस को दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी आदेश की अवहेलना, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, अपहरण और हत्या जैसी धाराओं में दोषी ठहराया है। हालांकि ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश के आरोप से राहत मिली है। अब अदालत 31 जुलाई को यह तय करेगी कि दोषियों को संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
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किन धाराओं में ठहराए गए दोषी
अदालत ने ताहिर हुसैन, नजीर, असीम, जावेद और अनस को दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी आदेश की अवहेलना, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, अपहरण और हत्या जैसी धाराओं में दोषी ठहराया है। हालांकि ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश के आरोप से राहत मिली है। अब अदालत 31 जुलाई को यह तय करेगी कि दोषियों को किस प्रकार की सजा दी जाएगी।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ था मामला
यह मामला अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान अंकित शर्मा लापता हो गए थे और बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ। परिजनों ने ताहिर हुसैन और उनके सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाया था। मामले की लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोष तय किए और अब सभी की सजा पर अंतिम फैसला 31 जुलाई को सुनाया जाएगा।