देश के चर्चित नीला ड्रम कांड में सजा पर फैसला आज आएगा। इस फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं। फैसले आने से पहले मुस्कान और साहिल गुमसुम हो गए है और मुस्कान ने पूजा पाठ भी कम कर दी है। दोनों के व्यवहार पर जेल प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। उधर, सौरभ के भाई और मां को भी फैसले का इंतजार है। दोनों ने मुस्कान और साहिल को फांसी दिलाने की मांग की है।
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी सौरभ राजपूत की 3 मार्च 2025 को उसकी पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल ने हत्या कर दी थी। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को टुकड़ों में काट कर नीले ड्रम में डाल दिया था और उसके ऊपर सीमेंट और रेत डालकर जाम दिया था। 18 मार्च को मुस्कान और साहिल की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई करते हुए जिला जज ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को दोषी करार किया था और 14 अक्टूबर यानि बुधवार को फैसला सुनाने के तिथि नियत की थी। तभी इस फैसले पर सभी की निगाहें टिकी है। साहिल के भाई राहुल उर्फ बबलू और मां रेणु को भी अदालत के फैसले का इंतजार है। उन्होंने मुस्कान और साहिल को फांसी देने की मांग की है। राहुल का कहना था कि अगर दोनों को फांसी नहीं होती है तो वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
मुस्कान और साहिल गुमसुम हुए
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा का कहना है कि दोषी करार दिए जाने के बाद से मुस्कान और साहिल कम बोल रहे है और एकांत में रहने का प्रयास कर रहे हैं। मुस्कान पहले से कम खाना खा रही है और उसने पूजा-पाठ भी कम कर दी है। बुधवार को दोनों की सजा पर फैसला होना है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा या अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित किया जाएगा। उन्हें जो भी आदेश मिलेगा का उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया, मुस्कान और साहिल की निगरानी के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरों और जेल कर्मचारियों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।
बड़ी बेटी पीहू से मिलना चाहती है मुस्कान
वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया, मुस्कान अपनी बड़ी बेटी पीहू से मिलने की बात लगातार कह रही है। जब भी बंदियों की परेड होती है या अधिकारी बैरकों का राउंड लेते हैं, वह बेटी से मिलने की इच्छा जताती है। उनका कहना था कि जेल प्रशासन के पास बच्ची का फोन नंबर या पता उपलब्ध नहीं है। जेल मैनुअल के तहत बंदी अपने परिजनों को पत्र लिख सकती है। इसी व्यवस्था के अनुसार मुस्कान को भी पत्र लिखने की सुविधा दी गई है। वह अपनी बेटी से मुलाकात के लिए परिजनों को पत्र लिख सकती है। मुस्कान से मिलने के लिए अब तक कोई परिजन जेल नहीं आया है। साहिल से मिलने के लिए उसका भाई आता है, लेकिन डेढ़ सप्ताह से साहिल से मिलने के लिए भी कोई नहीं आया है।
मुस्कान के पिता बोले, उसको सजा मिलनी चाहिए
मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी का कहना है कि उनका अब मुस्कान से कोई वास्ता नहीं है। वह हमारे लिए उसी दिन मर गई थी, जब उसने सौरभ की हत्या की थी। हम किसी तरह अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के प्रयास में लगे हैं। मुस्कान से मिलने के लिए वह जेल में कभी नहीं जाएंगे और न बाहर मिलेंगे। जेल में उसके साथ जो बच्ची है, उससे भी हमें कोई मतलब नहीं। वह साहिल की बेटी है। बड़ी बेटी पीहू हमारे पास ही रहेगी, क्योंकि वो सौरभ की बेटी है। मुस्कान के लिए किसी भी अदालत में कभी पैरवी नहीं करेंगे।