दिग्गज फिल्ममेकर पहलाज निहलानी का निधन : हिंदी सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे पहलाज निहलानी ने मुंबई में अंतिम सांस ली। परिवार, करीबी दोस्त और फिल्मी सितारे उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
कई सितारों को दिया बड़ा ब्रेक
पहलाज निहलानी बॉलीवुड के उन निर्माताओं में गिने जाते थे, जिन्होंने कई नए कलाकारों को इंडस्ट्री में पहचान दिलाई। उन्होंने साल 1986 में फिल्म ‘इल्जाम’ के जरिए गोविंदा को लॉन्च किया था। इसके बाद गोविंदा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और वह 90 के दशक के सुपरस्टार बन गए। वहीं, चंकी पांडे को भी फिल्म ‘आग ही आग’ के जरिए बड़ा मौका मिला। इसके अलावा उन्होंने ‘आंखें’, ‘शोला और शबनम’, ‘पाप की दुनिया’ और ‘मिट्टी और सोना’ जैसी कई सफल फिल्मों का निर्माण किया.
सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहते रहे चर्चा में
फिल्म निर्माता होने के साथ-साथ पहलाज निहलानी सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी काफी चर्चाओं में रहे। साल 2015 में उन्हें CBFC का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने फिल्मों में कंटेंट और सर्टिफिकेशन को लेकर कई सख्त फैसले लिए, जिनकी वजह से वह अक्सर विवादों में भी रहे। कई फिल्मों के सीन्स और डायलॉग्स पर उनकी आपत्तियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी थी.
लंबे समय से थे बीमार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलाज निहलानी पिछले कुछ महीनों से लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज मुंबई के नानावटी अस्पताल में चल रहा था। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद कई बॉलीवुड सितारों और फिल्मी हस्तियों ने सोशल Media पर दुख जताया.
फिल्म इंडस्ट्री ने दी श्रद्धांजलि
पहलाज निहलानी के निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक बड़ा नाम खो दिया है। उनके साथ काम कर चुके कई कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री को कई यादगार फिल्में दीं। गोविंदा और अन्य कलाकारों के करियर को नई दिशा देने में उनका अहम योगदान माना जाता है। फिल्म निर्माण और सेंसर बोर्ड दोनों ही क्षेत्रों में उनकी अलग पहचान थी। आज भी उनकी बनाई कई फिल्में दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं.