Ram Mandir Offering Controversy: राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि संघ का बयान संतुलित है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
संघ के बयान का किया समर्थन
आलोक कुमार ने कहा कि चढ़ावे से जुड़े विवाद ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि संघ ने स्पष्ट रूप से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने की बात कही है। उनके अनुसार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत प्रणाली विकसित करना आवश्यक है।
नाना पटोले के बयान पर जताई आपत्ति
वीएचपी अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता नाना पटोले के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास आरोपों के समर्थन में ठोस आधार है तो उसे जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। वहीं, यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
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राजनीतिक आरोपों पर भी साधा निशाना
आलोक कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस विवाद को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस तरह के आरोपों से हिंदुत्व से जुड़े संगठनों की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
एसआईटी जांच जारी
इस बीच मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कुछ आरोपियों से जुड़ी कई संपत्तियों की जानकारी जुटाई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों की खरीद में कथित तौर पर चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल हुआ या नहीं। मामले की जांच अभी जारी है।