असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि अगर सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करते हैं तो उनकी सैलरी का 10 प्रतिशत हिस्सा काटा जा सकता है। इस बयान का विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने समर्थन जताया है।
अनादर करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
विनोद बंसल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "भारत जैसे देश में, जहां बुजुर्गों का हमेशा सम्मान किया जाता रहा है और यह हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिन्होंने हमें जन्म दिया, जिनकी उंगली पकड़कर हम बड़े हुए और जिनके आदर्शों ने हमें काबिल बनाया, उनका अनादर करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हमारी संस्कृति के बिल्कुल खिलाफ है।" उन्होंने कहा, "सरकार को इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है, यह पूरे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन आज यह जरूरी हो गया है। ऐसा लगता है कि सरकार को महसूस हो रहा है कि असल में ऐसे हालात और परिस्थितियां बन रही हैं। इसलिए इस फैसले का स्वागत है। इससे कुछ लोग जो माता-पिता का अनादर कर रहे हैं, उस पर अंकुश लगेगा।"
कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा हमला
विनोद बंसल ने कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी अपने ही बयानों में फंसती जा रही है। कांग्रेस के अलग-अलग नेता विरोधाभासी बातें कह रहे हैं, अध्यक्ष कुछ और कहते हैं, महासचिव कुछ और, 'युवराज' कुछ और कहते हैं और 'माता जी' कुछ और।"
लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ
स्वतंत्रता संग्राम के मुद्दे पर वीएचपी प्रवक्ता ने कहा, "मौजूदा कांग्रेस को इस पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। देश का बंटवारा उनके नेताओं के पूर्वजों की वजह से ही हुआ था। उन्हीं की वजह से बंटवारे के भयानक दौर में लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ। कांग्रेस ने ही 'वंदे मातरम' के टुकड़े किए और मुस्लिम लीग की सोच को फलने-फूलने के लिए रास्ता तैयार किया। स्वतंत्रता के बाद भी जिहादी तुष्टीकरण का काम किया। आतंकियों और अलगाववादियों को बढ़ावा दिया। अपने कुकर्मों के लिए कांग्रेस को क्षमा याचना करनी चाहिए। उन्हें