Vice president election: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार शाम उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना त्यागपत्र सौंपा। धनखड़ का यह फैसला न केवल अप्रत्याशित रहा, बल्कि इसके बाद अब यह सवाल भी खड़ा हो गया है—देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा? एनडीए को बहुमत प्राप्त होने के चलते संभावित नामों पर विचार तेज हो गया है।
इस्तीफे का चौंकाने वाला फैसला
धनखड़ ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया। 74 वर्षीय नेता ने अपनी declining health का हवाला जरूर दिया, लेकिन विपक्ष इसे केवल “बहाना” मान रहा है। विपक्षी दलों का दावा है कि उनके इस्तीफे के पीछे हालिया राजनीतिक घटनाक्रम, भाजपा नेताओं की बैठक में अनुपस्थिति और संसद में टकराव जैसे कई कारण हो सकते हैं। धनखड़ के कार्यकाल में विपक्ष के साथ कई तीखी झड़पें और बयानबाज़ी हुई थी, जिससे वे लगातार चर्चा में रहे।
संभावित उम्मीदवारों की रेस में कौन?
भाजपा नीत एनडीए, जो संसद में मजबूत स्थिति में है, जल्द ही उपराष्ट्रपति पद के लिए नाम तय कर सकती है। चर्चा में सबसे प्रमुख नाम हरिवंश नारायण सिंह का है, जो वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति हैं और जदयू से सांसद हैं। इसके अलावा, एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, पूर्व राज्यपाल या अनुभवी नेता को भी मौका दिया जा सकता है। पार्टी किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो संयमित, संवैधानिक और गैर-विवादास्पद हो।
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया क्या कहती है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 68 के अनुसार, उपराष्ट्रपति के पद पर रिक्ति होने के 60 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। यह चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के कुल 788 सांसदों द्वारा किया जाएगा। जब तक नया उपराष्ट्रपति नहीं चुना जाता, तब तक राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सदन का संचालन करेंगे।