नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आज विपक्षी दलों की बैठक होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में विपक्ष के साझा उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। विपक्ष की रणनीति है कि ऐसा उम्मीदवार उतारा जाए जो एनडीए के प्रत्याशी सी.पी. राधाकृष्णन के सामने मजबूत चुनौती पेश कर सके और सभी दलों की सहमति से चुना जाए।
रेस में शामिल नाम
उप राष्ट्रपति पद की रेस में कई नाम चर्चा में हैं। इनमें चंद्रयान-1 में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व इसरो वैज्ञानिक मैलस्वामी अन्नादुरई, डीएमके सांसद तिरुचि सिवा और महात्मा गांधी के परपोते व इतिहासकार तुषार गांधी शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र से एक दलित बुद्धिजीवी को भी उम्मीदवार बनाने पर विचार किया जा रहा है।
अन्नादुरई सबसे आगे
माना जा रहा है कि फिलहाल विपक्ष में वैज्ञानिक मैलस्वामी अन्नादुरई का नाम सबसे आगे है। वह तमिलनाडु से आते हैं और अपनी वैज्ञानिक पहचान के कारण व्यापक स्वीकार्यता रखते हैं। उनकी उम्मीदवारी से दक्षिण भारत में बीजेपी को बढ़त लेने से रोकने की विपक्षी रणनीति भी मजबूत हो सकती है।
तृणमूल का सुझाव
तृणमूल कांग्रेस ने विपक्षी दलों को सलाह दी है कि उम्मीदवार गैर-राजनीतिक चेहरा होना चाहिए। पार्टी का मानना है कि ऐसा करने से सभी दलों के बीच आम सहमति बनाना आसान होगा और विपक्षी एकता को मजबूती मिलेगी।
NDA का उम्मीदवार
वहीं, एनडीए की ओर से सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया गया है। वह सोमवार को दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जून में इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि धनखड़ और सरकार के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण थे।