उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाओं के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीटों के बंटवारे को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी या कौन सी सीट किसके हिस्से में जाएगी, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी जीत सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि प्राथमिकता सीट नहीं, जीत होनी चाहिए।
खुशहाली को भी साझा लक्ष्य बताया
अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। 2027 में गठबंधन की सफलता किसी एक दल की जीत से बड़ी होगी। सभी घटक दलों को मिलकर ऐसी कोशिश करनी चाहिए जिससे साम्प्रदायिकता को फिर सिर उठाने का अवसर न मिले और लोकतंत्र, संविधान तथा आरक्षण सुरक्षित रहें। उन्होंने सामाजिक सौहार्द, विकास और खुशहाली को भी साझा लक्ष्य बताया।
कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की
सपा अध्यक्ष ने कहा कि उद्देश्य स्पष्ट हो तो आपसी सहयोग मजबूत होता है और मंजिल सामने हो तो रास्ता आसान हो जाता है। उनके इस संदेश को कांग्रेस के साथ सीटों के बंटवारे पर चल रही संभावित बातचीत के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सपा और कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी।
हिस्सेदारी तय करने की चुनौती
विधानसभा में सपा के 101 और कांग्रेस के दो विधायक हैं। ऐसे में 2027 के लिए सीटों के तालमेल में दोनों दलों के सामने अपने-अपने राजनीतिक प्रभाव और जीत की संभावना के आधार पर हिस्सेदारी तय करने की चुनौती होगी।
व्यापक राजनीतिक लक्ष्य से जोड़ा
अखिलेश का ताजा बयान इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि उन्होंने बातचीत को केवल सीटों की संख्या तक सीमित करने के बजाय व्यापक राजनीतिक लक्ष्य से जोड़ दिया है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि सपा नेतृत्व गठबंधन के संभावित विस्तार और सीटों को लेकर होने वाले मतभेदों के बावजूद विपक्षी एकजुटता को बनाए रखने को प्राथमिकता देना चाहता है।