विदिशा में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपति जहर की पुड़िया लेकर जनसुनवाई में पहुंच गया। आरोप है कि बेटा-बहू ने न केवल उन्हें घर से बाहर निकाल दिया, बल्कि बेटी और दामाद भी आए दिन मारपीट करते हैं। छह बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से पीड़ित पति-पत्नी इतना टूट चुके हैं कि न्याय न मिलने पर जान देने की चेतावनी तक दे दी।
पीड़ा से टूटे दंपति की गुहार, कहा– “घर हमारा, हक हमारा… पर रहने नहीं देते”
विदिशा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित आम वाली कॉलोनी के रहने वाले 65 वर्षीय सीताराम अहिरवार और उनकी पत्नी मंगलवार की जनसुनवाई में पहुंचे तो उनके हाथ में जहर की पुड़िया देख सभी चौंक गए। दोनों आंखों में आंसू लिए कलेक्टर और एसपी के सामने बैठ गए और बताया कि उनका बेटा और बहू लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।
सीताराम ने कहा कि बेटे ने पहले घर से निकाल दिया, फिर मारपीट भी की। बेटी और दामाद भी मौके पर पहुंचकर लड़ाई-झगड़ा करते हैं। स्थिति यह हो गई कि घर में रहना मुश्किल हो गया है।
छह लिखित शिकायतें, फिर भी पुलिस की कार्रवाई शून्य
दंपति ने बताया कि वह अब तक सिविल लाइन थाने में छह बार लिखित शिकायत दे चुके हैं। हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, लेकिन किसी भी परिजन पर न तो कार्रवाई हुई और न ही उन्हें सुरक्षा मिली। पुलिस की इस निष्क्रियता से परेशान होकर दोनों जहर लेकर जनसुनवाई पहुंच गए।
उन्होंने कहा—“अगर आज भी हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम दोनों यही जहर खा लेंगे। अब हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है।”
पुलिस ने दिया भरोसा, सीनियर सिटीजन पंचायत में होगी सुनवाई
जनसुनवाई में मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने दंपति को समझाया और आश्वासन दिया कि बुधवार को होने वाली सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में पूरे परिवार को बुलाया जाएगा।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोनों पक्षों की बातें सुनकर उचित निर्णय लिया जाएगा और बुजुर्ग दंपति को न्याय दिलाया जाएगा।