विदिशा में पदस्थ एक महिला नायब तहसीलदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे प्रशासनिक तंत्र में सनसनी फैल गई है। सरकारी आवास की तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के बाद उनकी मौत हो गई, लेकिन यह हादसा था या आत्महत्या—इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और हर एंगल से जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम भी मौके से साक्ष्य जुटा रही है।
सरकारी निवास की तीसरी मंजिल से गिरी अधिकारी
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित सरकारी निवास की है, जहां नायब तहसीलदार कविता अचानक तीसरी मंजिल की छत से नीचे गिर गईं। गिरने के बाद उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई। आवास परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिसर सील, मौके पर फॉरेंसिक टीम
घटना के बाद राजस्व परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने छत, सीढ़ियों और गिरने वाले स्थान की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। टीम उन सभी निशानों को खंगाल रही है, जो घटना की दिशा तय करने में मदद कर सकते हैं।
हत्या, आत्महत्या या हादसा—जांच में कई एंगल
मामला संदेहपूर्ण होने के कारण पुलिस सभी संभावनाओं पर काम कर रही है। अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या का मामला है, हत्या की साजिश है या किसी तरह का आकस्मिक हादसा। टीमें हर एंगल पर बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस जुटा रही हर संभावित सबूत
टीआई आनंद राज के अनुसार छत के किनारों, रेलिंग, सीढ़ियों और घटनास्थल के आसपास मिले संभावित निशानों की जांच जारी है। मोबाइल, दस्तावेज़ और सीसीटीवी फुटेज जैसे डिजिटल साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी मौके पर लगातार मौजूद हैं।
परिजन बुलाए गए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर
कविता के परिजनों को सूचना देकर विदिशा बुला लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्टता आएगी। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।