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आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से परेशान दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता विजय गोयल ने गुरुवार को घोषणा की कि वे दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कुत्तों के हमलों से पीड़ित लोगों के लिए एक व्यापक मुहिम शुरू करने जा रहे हैं। इस मुहिम की शुरुआत नोएडा से होगी, जहां वे फेडरेशन ऑफ नोएडा रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस (FONRWA) के साथ मिलकर नोएडा मीडिया क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगे। गोयल का कहना है कि यह मुहिम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर फैलाई जाएगी, ताकि बच्चों और बुजुर्गों जैसे कमजोर वर्गों को राहत मिल सके।
विजय गोयल, जो पहले से ही दिल्ली में आवारा कुत्तों के खिलाफ सक्रिय रहे हैं, अब NCR के अन्य हिस्सों जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में इस समस्या को संबोधित करने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। बुधवार को फोनरवा के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में गोयल से मुलाकात की, जहां उन्होंने नोएडा में कुत्तों की बढ़ती समस्या पर चर्चा की।
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बताया कि शहर में रोजाना बच्चे और बुजुर्ग कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। गोयल ने इस मुलाकात के बाद सहमति जताई कि इस मुद्दे को नोएडा तक सीमित न रखते हुए इसे एक राष्ट्रीय अभियान का रूप दिया जाएगा।
मुहिम का उद्देश्य: सख्त कदम और जागरूकता
गोयल की मुहिम का मुख्य फोकस आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने, उनकी नसबंदी (ABC - Animal Birth Control) नियमों में सुधार और पीड़ितों के लिए मुआवजे की व्यवस्था पर होगा। उन्होंने कहा, "दिल्ली में हमने पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर कदम उठाए हैं, लेकिन NCR के अन्य क्षेत्रों में समस्या और गंभीर है। नोएडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस से हम स्थानीय प्रशासन को जगाएंगे और लोगों को एकजुट करेंगे।" गोयल ने उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया नोटिफिकेशन पर भी आपत्ति जताई, जिसे वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन मानते हैं। उनका सुझाव है कि कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम्स में रखा जाए, न कि सड़कों पर वापस छोड़ा जाए।पिछले कुछ दिनों में गोयल ने गाजियाबाद के निलाया ग्रीन सोसायटी का दौरा किया, जहां उन्होंने निवासियों की समस्याएं सुनीं और सड़कों पर कुत्तों को खाना देने पर रोक लगाने की मांग की। वहां बच्चों ने पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया, जिसमें "कुत्तों से बचाओ, हमें सुरक्षित माहौल चाहिए" जैसे नारे लगाए गए। गोयल ने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस मुद्दे को सरकार तक पहुंचाएं।
NCR में कुत्तों की समस्या: आंकड़े चिंताजनक
NCR में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों के बावजूद एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। 2019 की पशुपालन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ही 1.53 करोड़ से अधिक आवारा कुत्ते हैं, और दिल्ली-NCR इसका केंद्र है। हर साल 37 लाख डॉग बाइट केस दर्ज होते हैं, जिसमें 305 मौतें होती हैं, ज्यादातर बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित होते हैं। नोएडा में हाल के महीनों में कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां कुत्तों ने राहगीरों पर हमला किया। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में दिल्ली-NCR के आवासीय क्षेत्रों से 8 हफ्तों में कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था, लेकिन कार्यान्वयन में देरी हो रही है।
गोयल ने केंद्र सरकार से पशु जन्म एवं नियंत्रण नियम 2023 को वापस लेने की मांग की है, ताकि कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण हो सके। उन्होंने निजी क्षेत्र की मदद से कुत्तों की गणना और शेल्टर होम्स स्थापित करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा, कुत्तों को खाना देने पर जुर्माना लगाने और FIR दर्ज करने की वकालत की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस: नोएडा से नई शुरुआत
नोएडा में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल फोनरवा के सदस्यों के साथ मिलकर योजना की रूपरेखा पेश करेंगे। यह मुहिम दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़े प्रदर्शन की ओर बढ़ सकती है। गोयल ने लोगों से ईमेल ([email protected]) के माध्यम से सुझाव मांगे हैं। उनका कहना है, "यह मुहिम इंसानों की सुरक्षा के लिए है, न कि पशु प्रेमियों के खिलाफ। हमें संतुलित समाधान चाहिए।"
स्थानीय निवासियों ने गोयल के इस कदम का स्वागत किया है। नोएडा के एक अन्य संगठन डीडीआरडबल्यूए के पदाधिकारी संजीव कुमार ने कहा, "कुत्तों का आतंक हमें घर से बाहर निकलने नहीं देता। गोयल जी की मुहिम से उम्मीद है कि कुछ बदलेगा। इसके लिए विजय गोयल जी की एक मीटिंग नोएडा सेक्टर 35 में 14 सितम्बर को रखी गई है।
वहीं, पशु प्रेमी संगठनों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है, लेकिन गोयल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कुत्तों को मारना नहीं, बल्कि नियंत्रित करना है।यह मुहिम NCR में एक नई राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर सकती है, खासकर जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला अभी सुरक्षित है। गोयल की यह पहल दिल्ली से बाहर विस्तारित होकर पूरे देश में फैल सकती है, जिससे आवारा कुत्तों की समस्या पर राष्ट्रीय बहस छिड़ जाए