विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का पहला दिन भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में खास बन गया। 24 दिसंबर को खेले गए मुकाबलों में बल्लेबाजों ने गेंदबाजों की एक नहीं चलने दी। पहले ही राउंड में कुल 22 शतक लगे, जिसने इस दिन को रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा दिया। लंबे समय बाद घरेलू वनडे क्रिकेट में लौटे रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी अपने शतकों से माहौल बना दिया। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, यह साफ हो गया कि यह सिर्फ बड़े नामों का शो नहीं, बल्कि नए सितारों के उभरने का मंच भी बनने वाला है।
रोहित-विराट ने दिखाई क्लास
जयपुर में मुंबई की ओर से खेलते हुए रोहित शर्मा ने सिक्किम के खिलाफ 155 रनों की विस्फोटक पारी खेली। 94 गेंदों में खेली गई इस पारी में चौके-छक्कों की बारिश देखने को मिली और मुंबई ने मैच को एकतरफा बना दिया। वहीं बेंगलुरु में विराट कोहली ने दिल्ली के लिए आंध्र प्रदेश के खिलाफ 131 रनों की सधी हुई लेकिन दमदार पारी खेली। विराट के शतक की बदौलत दिल्ली ने लक्ष्य आसानी से हासिल किया। दोनों दिग्गजों की इन पारियों ने साबित कर दिया कि अनुभव और क्लास आज भी उतनी ही मजबूत है।
बिहार-झारखंड का बल्ले से तूफान
दिन का असली धमाका बिहार और झारखंड के मैचों में देखने को मिला। बिहार ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ लिस्ट ए क्रिकेट का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए 574 रन ठोक दिए। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 36 गेंदों में शतक जड़कर सबसे कम उम्र के लिस्ट ए शतकवीर बनने का इतिहास रचा। इसके बाद बिहार के कप्तान सकीबुल गनी ने 32 गेंदों में शतक लगाकर भारतीय लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज शतक बना दिया। आयुष लोहारुका ने भी 116 रनों की अहम पारी खेली। उधर झारखंड के कप्तान ईशान किशन ने कर्नाटक के खिलाफ 33 गेंदों में शतक ठोककर दूसरा सबसे तेज भारतीय शतक अपने नाम किया।
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अनजान नाम जिसने सब पीछे छोड़ा
इतने शतकों के बीच ओडिशा के स्वास्तिक सामल ने सबसे अलग पहचान बनाई। सौराष्ट्र के खिलाफ उन्होंने 169 गेंदों में 212 रनों की शानदार दोहरी शतकीय पारी खेली। इस पारी में 21 चौके और 8 छक्के शामिल थे और ओडिशा ने 345 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। भले ही सौराष्ट्र ने लक्ष्य हासिल कर लिया, लेकिन स्वास्तिक सामल का नाम पूरे दिन की सबसे बड़ी चर्चा बन गया। इसके अलावा अर्पित भटेवरा, रिकी भुई, यश दुबे, सम्मर गज्जर, स्नेहल कौथंकर, शुभम खजुरिया, किशन लिंगदोह, अमन मोखड़े, हिमांशु राणा, रवि सिंह, बिप्लब सामंत्रे, ध्रुव शौरी, फिरोज़म जोतिन और विष्णु विनोद ने भी शतक लगाकर इस ऐतिहासिक दिन को और खास बना दिया।