मध्यप्रदेश सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी अब उनके लिए कानूनी आफत बनती जा रही है। पहले ही राज्य में उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं अब बिहार के मुजफ्फरपुर में उनके खिलाफ एक और परिवाद दर्ज किया गया है। इस मामले की सुनवाई 26 मई को होगी। विवाद गहराता जा रहा है और मंत्री पर इस्तीफे का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
विवादित बयान से भड़का प्रदेशभर में गुस्सा
मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को "आतंकियों की बहन" कहकर संबोधित किया था। यह बयान न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में आक्रोश का कारण बना। लोगों ने इसे भारतीय सेना और महिला सैन्य अधिकारियों का अपमान बताया।
वहीं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के सेना को लेकर दिए गए बयान ने भी आग में घी का काम किया। दोनों मंत्रियों के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं और पुतले जलाए जा रहे हैं।
बिहार की अदालत में दर्ज हुआ परिवाद
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद मोजाहिद ताहिर उर्फ एम. राजू नैय्यर ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ सीजेएम (पूर्वी) कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। याचिकाकर्ता ने मंत्री पर सैन्य अधिकारी के सम्मान को ठेस पहुंचाने और देश की एकता को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह के अनुसार, अदालत से मंत्री के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
कर्नल सोफिया का सराहनीय योगदान
बताते चलें कि कर्नल सोफिया कुरैशी ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व और बहादुरी की सेना में और देशभर में प्रशंसा हुई थी। ऐसे में उनके खिलाफ की गई टिप्पणी न सिर्फ उनका, बल्कि हर देशभक्त का अपमान मानी जा रही है।
कोर्ट के सख्त तेवर, मंत्री ने मांगी माफी
मंत्री विजय शाह ने इंदौर के महू में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ये बयान दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर उनके खिलाफ मानपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई। मामले के तूल पकड़ते ही विजय शाह ने माफी भी मांग ली, लेकिन कोर्ट के रुख से लग रहा है कि ये माफी उनके लिए काफी नहीं है।