Dhinakaran Refusing to Support TVK: तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस के बीच एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है। दिनाकरन ने विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया है और राज्यपाल से एआईएडीएमके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने टीवीके पर उनकी पार्टी के विधायक को तोड़ने की कोशिश करने का गंभीर आरोप भी लगाया है।
समर्थन का दावा
टीटीवी दिनाकरन ने देर रात राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके के पास सरकार बनाने की बेहतर स्थिति है और उसे मौका दिया जाना चाहिए। राज्यपाल पहले ही स्पष्ट बहुमत नहीं होने का हवाला देते हुए विजय को शपथ के लिए आमंत्रित करने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में दिनाकरन के इस कदम ने तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है।
एएमएमके विधायक के लापता होने का दावा
दिनाकरन ने दावा किया कि उनकी पार्टी के इकलौते विधायक कामराज संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि विधायकों की खरीद-फरोख्त की जा रही है। दिनाकरन के मुताबिक कामराज आखिरी बार एआईएडीएमके विधायकों से मिलने पुडुचेरी जाने की बात कहकर निकले थे, जिसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग भी की है।
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TVK पर लगाए गंभीर आरोप
एएमएमके प्रमुख ने विजय की पार्टी पर नैतिक राजनीति का दावा करने के बावजूद दलबदल कराने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केवल सबसे बड़ी पार्टी बन जाना सरकार बनाने के लिए काफी नहीं होता। दिनाकरन ने आरोप लगाया कि टीवीके पर्दे के पीछे विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। हालांकि टीवीके की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बहुमत के लिए जारी है जोड़-तोड़
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है, जबकि टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। विजय लगातार अन्य दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। भाकपा और माकपा ने समर्थन का ऐलान कर दिया है, जबकि वीसीके के फैसले पर अभी सबकी नजर बनी हुई है। राज्य में सरकार गठन को लेकर अगले कुछ घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं।