
मेरठ। व्यापारी से नाक रगवाड़ने वाले प्रकरण में वांछित चल रहे विकुल चपराना को पुलिस ने शुक्रवार आधी रात के बाद बिजली बंबा बाईपास से गिरफ्तार कर लिया। विकुल की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही थाने में समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया था। शनिवार को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में विकुल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बता दें कि 19 अक्टूबर को ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर के ऑफिस के नीचे कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष विकुल चपराना ने व्यापारी सत्यम रस्तोगी के कार के शीशे तोड़ दिए थे और ऊर्जा मंत्री के नाम से धमकाते हुए व्यापारी से पुलिस को मौजदूगी में नाक रगड़वाई थी। 21 अक्टूबर को इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सामाजिक संगठनों से लेकर अन्य राजनीतिक दलों ने आक्रोश व्यक्त किया था। पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए विपुल चपराना को गिरफ्तार कर शांति भंग की धारा 151 में चालान कर थाने से जमानत दे दी थी।
इस मामले में जब विपक्ष ने विकुल को थाने से जमानत देने के मुद्दे को सोशल मीडिया पर उछाला तो पुलिस ने आनन-फानन में इस प्रकरण में बलवा, मारपीट, तोड़फोड़ आदि धाराएं बढ़ा कर विकुल को वांछित घोषित कर उसके तीन साथियों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वैश्य समाज में भाजपा के प्रति बढ़ती नाराजगी को देखते हुए गुरुवार रात को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एसएसपी से मुलाकात कर विकुल पर रासुका लगाने और कड़ी कार्रवाई की मांग थी। इसके बाद से विकुल की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी। शुक्रवार आधी रात के बाद मेडिकल थाना पुलिस ने एक सूचना के आधार पर विकुल चपराना को बिजली बंबा बाईपास से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।