मध्यप्रदेश के एक गांव में मालपुआ खाने के बाद कई ग्रामीणों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत इतनी गंभीर हो गई कि दर्जनों लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मंगलवार सुबह जब मामला प्रशासन तक पहुंचा तो स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल उपचार शुरू कराया गया। प्राथमिक जांच में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। गांव में अभी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
सुबह 7.20 बजे गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
गंभीर होते हालात को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. यादव, जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. अवधेश सोनी और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने तुरंत बीमार ग्रामीणों की जांच और प्राथमिक उपचार शुरू करवाया। इस दौरान 30 से अधिक लोग पहले ही जिला अस्पताल पहुंच चुके थे। इनमें से 20 की हालत अधिक खराब होने के कारण उन्हें भर्ती कर लिया गया, जबकि करीब 10-15 लोगों को दवाएं देकर घर भेज दिया गया।
गांव में तैनात किए गए डॉक्टर और मेडिकल टीम
स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए गांव में दो डॉक्टर, एएनएम और नर्सिंग ऑफिसर की टीम को छोड़ दिया है ताकि गांव में किसी अन्य ग्रामीण की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार मिल सके। टीम ग्रामीणों की निगरानी कर रही है और संदिग्ध खाद्य सामग्री के सैंपल भी लिए गए हैं।
ये लोग हुए बीमार, अस्पताल में चल रहा इलाज
जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, उनमें 30 वर्षीय कंठश्री, 40 वर्षीय शिमला, 20 वर्षीय राधा, 50 वर्षीय सुशीला, 20 वर्षीय बेबी, 50 वर्षीय रामप्रकाश, 50 वर्षीय रामवती, 50 वर्षीय निर्मला, 30 वर्षीय राधा, 13 वर्षीय देवराज, 30 वर्षीय किरन, 11 वर्षीय नंदू, 20 वर्षीय दिनेश, 11 वर्षीय गोपाल, 35 वर्षीय राधाकृष्ण, 20 वर्षीय सुमित, 35 वर्षीय राहुल, 26 वर्षीय छोटू और 25 वर्षीय सुंदरम शामिल हैं।
फूड प्वाइजनिंग की आशंका, जांच जारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि मालपुआ में उपयोग किए गए किसी दूषित पदार्थ के कारण फूड प्वाइजनिंग की स्थिति बनी है। फिलहाल सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ खाने से पहले सावधानी बरतें और लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।