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भूनी टोल पर सेना के जवान की पिटाई के 16 घंटे बाद ठाकुर समाज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया है। गोटका और आसपास के गांव के 500 से अधिक लोग भूनी टोल पर सोमवार दोपहर एक बजे पहुंचे और टोल ऑफिस पर तोड़फोड़ शुरू कर दिया है। इस दौरान जमकर पत्थर बरसाए। इसके बाद टोल पर ही धरने पर बैठ गए। तोड़फोड़ की घटना के बाद एसएसपी व एसपी देहात व कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद है। अधिकारी ग्रामीणों को समझाने के लिए लगे हुए है। इस मामले में पुलिस ने सेना के जवान और उसके भाई से मारपीट करने वाले 6 टोल कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपी टोलकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
सोमवार को ग्रामीणों में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया। काफी संख्या में ठाकुर समाज के लोग एक एकत्र होकर भूनी टोल पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही तोड़फोड़ आरंभ कर दी। अचानक ग्रामीणो द्वारा तोड़फोड़ करने पर टोल से गुजर रहे वाहनाें चालकों में हड़कंप मच गया। टोल पर तैनात कर्मचारी वहां से अपनी जान बचा कर भागने लगे।तोड़फोड़ की घटना की जानकारी मिलते हुए सरूरपुर थाने समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। इस दौरान सूचना पर एसएसपी विपिन ताड़ा एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा मय फोर्स मौके पर पहुंचे। ग्रामीण वहां से टोल हटाने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कि इस मामले में आधा दर्जन आरोपितों को गिरफ्तारकिया जा चुका है। अन्य की तलाश में पुलिस टीम जुटी है। सभी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों का टोल पर धरना जारी था।
बता दें रविवार की रात सेना के जवान को टोलकर्मियों ने खंभे में बांधकर पीटा था। सेना के जवान का नाम कपिल (26) है। वह श्रीनगर में राजपूत बटालियन में तैनात हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान छुट्टी पर आए थे। रविवार को श्रीनगर वापस जा रहे थे। इसी दौरान यह घटना हुई।
सरुरपुर थाना क्षेत्र के गांव गोटका निवासी कपिल (26) सेना की राजपूत बटालियन में श्रीनगर में तैनात हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान छुट्टी पर घर आए थे। कपिल रविवार को श्रीनगर वापस जा रहे थे। उनकी दिल्ली से सुबह 5 बजे फ्लाइट थी। रात 8 बजे के करीब वह कार से अपने भाई के साथ घर से निकले।जैसे ही कार मेरठ करनात हाईवे पर भूनी टोल पर पहुंची। तो वहां बहुत लंबी लाइन थी। कपिल ने बताया- मैंने टोलकर्मियों को अपना आर्मी का कार्ड दिखाया और बोला- सेना का जवान हूं और लोकल का रहने वाला हूं। मुझे जल्दी जाने दीजिए नहीं तो मेरी श्रीनगर की फ्लाइट मिस हो जाएगी। मुझे अपनी ड्यूटी जॉइन करनी है। इसके बाद भी टोलकर्मी नहीं माने। उन्होंने बहस शुरू कर दी।