विनेश फोगाट को अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी आईटीए ने बड़ा नोटिस भेजा है। यह मामला 18 दिसंबर 2025 को प्रतियोगिता से बाहर हुए डोपिंग परीक्षण से जुड़ा है। एजेंसी का कहना है कि तय समय के दौरान विनेश अपने बताए गए स्थान पर मौजूद नहीं थीं। चार मई 2026 को भेजे गए पत्र में आईटीए ने साफ किया कि इस घटना को अब आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। हालांकि फिलहाल इसे डोपिंग रोधी नियमों का सीधा उल्लंघन नहीं माना गया है।
क्या है पूरा मामला
आईटीए के मुताबिक उस दिन डोपिंग नियंत्रण अधिकारी तय 60 मिनट के दौरान विनेश के बताए स्थान पर पहुंचे थे, लेकिन वह वहां नहीं मिलीं। नियमों के अनुसार पंजीकृत परीक्षण पूल में शामिल खिलाड़ियों को हर दिन एक घंटे का समय तय करना होता है, जिसमें वे बिना सूचना के होने वाले डोपिंग टेस्ट के लिए उपलब्ध रहें। एजेंसी ने माना कि उस समय विनेश हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ गई थीं, लेकिन उन्होंने अपना नया स्थान समय पर अपडेट नहीं किया।
दो साल के प्रतिबंध का खतरा
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी और यूनाइटेड विश्व रेस्लिंग के नियमों के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी 12 महीने के भीतर तीन बार टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं रहता या अपने रहने की जानकारी देने में चूक करता है, तो इसे डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसी स्थिति में खिलाड़ी पर दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। फिलहाल विनेश के खिलाफ यह पहला मामला दर्ज हुआ है, इसलिए उन्हें चेतावनी के तौर पर नोटिस भेजा गया है।
आईटीए ने क्या कहा
एजेंसी ने अपने नोटिस में कहा कि विनेश ने स्थान बदलने की जानकारी एसएमएस, ईमेल या मोबाइल ऐप के जरिए भी अपडेट नहीं की। आईटीए के मुताबिक खिलाड़ियों को किसी भी बदलाव की सूचना तय समय से पहले देना जरूरी होता है। नोटिस में यह भी कहा गया कि विनेश यह साबित नहीं कर सकीं कि इस चूक में उनकी कोई लापरवाही नहीं थी। हालांकि एजेंसी ने यह माना कि हाल ही में उनके घर बच्चे का जन्म हुआ था, जिससे उनकी निजी जिम्मेदारियां भी बढ़ी थीं।
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वापसी टूर्नामेंट से पहले बढ़ा दबाव
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में विनेश वापसी करने जा रही हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद उन्होंने संन्यास का ऐलान किया था, लेकिन दिसंबर 2025 में दोबारा कुश्ती में लौटने की घोषणा की। अब गोंडा में होने वाला टूर्नामेंट उनकी वापसी का पहला बड़ा मुकाबला होगा। आईटीए ने उन्हें फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए सात दिन का समय दिया है।