मुंबई से आई खबर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कांबली अब चल-फिर तो पा रहे हैं, लेकिन उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी है। डॉक्टरों के मुताबिक उनके दिमाग में क्लॉट जमा है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बना हुआ है। यह स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही और लगातार निगरानी की जरूरत है।
पहले भी दिख चुकी थी खराब हालत
करीब डेढ़ साल पहले कोच रमाकांत आचरेकर के मेमोरियल कार्यक्रम में कांबली की हालत देखकर सभी हैरान रह गए थे। उस दौरान वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और उन्हें अपने करीबी दोस्त सचिन तेंदुलकर का सहारा लेना पड़ा था। हालांकि अब उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है, लेकिन खतरा अभी भी टला नहीं है।
डॉक्टरों ने जताई चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि उनके दिमाग में जमा क्लॉट को निकालना संभव नहीं है, क्योंकि शुरुआती समय में जरूरी सावधानी नहीं बरती गई। यही कारण है कि आगे चलकर ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बना हुआ है। कभी-कभी असंतुलन और याददाश्त की समस्या भी इसी वजह से बढ़ जाती है।
दोस्तों का मिल रहा सहारा
कांबली के करीबी दोस्त और पूर्व अंपायर मार्कस कूटो ने बताया कि उनके दोस्तों ने मिलकर एक समूह बनाया है, जो आर्थिक मदद कर रहा है। हालांकि उनकी याददाश्त पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में स्थिति और खराब भी नहीं हुई है। जब कुछ याद आता है तो वह पहचान लेते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें चीजें भूल जाती हैं।
परिवार के साथ बिता रहे समय
कांबली अब ज्यादातर समय अपने परिवार के साथ घर पर बिताते हैं। उनकी पत्नी एंड्रिया उनकी देखभाल करती हैं और समय-समय पर इलाज के लिए लेकर जाती हैं। वह अपने बच्चों के साथ समय बिताते हैं, लेकिन कभी-कभी दवाएं लेना भी भूल जाते हैं, जो उनकी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना देता है।
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इलाज और पैसों की चुनौती
कांबली के इलाज में सबसे बड़ी समस्या आर्थिक स्थिति रही है। दोस्तों की मदद से उनका इलाज चलता रहा, लेकिन लंबे समय तक अस्पताल में रह पाना संभव नहीं हो पाया। इसी वजह से कई बार इलाज बीच में ही रोकना पड़ा।
सुधार के संकेत लेकिन खतरा कायम
हालांकि कांबली अब स्टिक के सहारे चलने लगे हैं और हाल ही में एक विज्ञापन की शूटिंग भी की है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि उनकी हालत पूरी तरह ठीक नहीं हो सकती। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि उनकी स्थिति स्थिर बनी रहे और आगे कोई बड़ा खतरा न आए।