
मौसम बदलते ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इन दिनों देशभर में वायरल फीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. बारिश, उमस और अचानक तापमान में बदलाव की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. ऐसे में लोग जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं. इसलिए इस समय सतर्क रहना बहुत जरूरी है. वायरल फीवर एक आम मौसमी बीमारी है, जो वायरस के कारण फैलती है. मौसम बदलते ही शरीर को नए वातावरण में ढलने में समय लगता है. इस दौरान अगर लोग साफ-सफाई, खानपान और आराम पर ध्यान नहीं देते हैं, तो वायरस जल्दी फैल जाता है. बुखार, खांसी, जुकाम, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं इस समय आम हो गई हैं.
डॉक्टर क्या कहते हैं?
सोशल मीडिया पर Dr. Sanjay Sundriyal का वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो वायरल फीवर और फ्लू के बारे में बताते हैं और बचाव के तरीके बताते हैं. उनका कहना है कि पर्याप्त पानी पीना, आराम करना, संतुलित आहार, टीकाकरण, मास्क पहनना और हाथ धोना सबसे जरूरी हैं.
आइए बचाव के कुछ आसान तरीके भी जान लेते हैं -
हाथ साफ रखें – नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें.
मास्क पहनें और दूरी बनाए रखें – भीड़भाड़ वाले जगहों पर मास्क पहनें और बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें.
संतुलित आहार लें – विटामिन-सी से भरपूर फल, मौसमी सब्ज़ियां और पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करें, जिससे शरीर मजबूत रहे.
पानी पीएं और आराम करें – रोजाना पर्याप्त पानी पिएं और नींद पूरी करें, ताकि इम्यूनिटी मजबूत रहे.
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घर और आसपास की सफाई करें – गंदगी और पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह वायरस और मच्छरों को पनपने का मौका देता है.
घरेलू नुस्खे अपनाएं – अदरक, तुलसी, हल्दी और शहद जैसी चीजें संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं.
टीकाकरण करवाएं – फ्लू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लेना जरूरी है.
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
अगर बुखार 3-4 दिन से ज्यादा रहता है, तापमान बहुत ज्यादा है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तेज सिरदर्द या बार-बार उल्टी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. वायरल फीवर से बचाव मुश्किल नहीं है. बस साफ-सफाई, पौष्टिक आहार, पर्याप्त पानी और आराम पर ध्यान दें. छोटे-छोटे एहतियाती कदम उठाकर आप खुद को और अपने परिवार को इस मौसमी बीमारी से सुरक्षित रख सकते हैं. डॉक्टरों की सलाह है कि लापरवाही न करें और समय रहते बचाव के उपाय अपनाएं.