Viral Video Fact Check : सोशल मीडिया पर रोजाना कई वीडियो तेजी से वायरल होते हैं। कुछ वीडियो किसी असली घटना से जुड़े होते हैं, जबकि कई बार पुराने वीडियो को नई घटना बताकर शेयर कर दिया जाता है। कभी-कभी वीडियो असली होता है, लेकिन उसके साथ दी गई जानकारी गलत होती है। ऐसे में बिना जांच किए किसी वीडियो पर भरोसा करना या उसे आगे भेजना परेशानी खड़ी कर सकता है। कुछ आसान तरीकों से आप वायरल वीडियो की सच्चाई जांच सकते हैं।
वीडियो की तारीख जरूर जांचें
किसी भी वायरल वीडियो को देखने के बाद सबसे पहले यह पता करें कि वह वीडियो कब का है। कई पुराने वीडियो नई घटना के नाम पर वायरल किए जाते हैं। वीडियो में दिखाई देने वाली जगह, मौसम, लोगों के कपड़े या किसी घटना से जुड़े संकेतों पर ध्यान दें। इसके बाद इन संकेतों के आधार पर इंटरनेट पर जानकारी खोजें।
वीडियो का असली स्रोत पता करें
यह जानना भी जरूरी है कि वीडियो सबसे पहले कहां से आया। अगर वीडियो किसी अनजान खाते से शेयर हुआ है, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें। देखें कि क्या यही वीडियो किसी भरोसेमंद समाचार संस्था, सरकारी विभाग या आधिकारिक खाते पर भी मौजूद है। असली स्रोत मिलने से वीडियो की जानकारी को समझने में काफी मदद मिल सकती है।
वीडियो के साथ लिखी जानकारी पढ़ें
कई बार वीडियो सही होता है, लेकिन उसके साथ गलत दावा जोड़ दिया जाता है। जैसे किसी पुराने हादसे के वीडियो को किसी नई घटना से जोड़ देना। इसलिए वीडियो देखकर केवल दृश्य के आधार पर निष्कर्ष न निकालें। उसके साथ लिखा कैप्शन और दावा भी अलग से जांचें।
वीडियो की तस्वीर से खोज करें
अगर वीडियो में कोई खास जगह, व्यक्ति, गाड़ी, पोस्टर या घटना दिखाई दे रही है, तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर इंटरनेट पर खोज कर सकते हैं। इससे पता चल सकता है कि यही तस्वीर या वीडियो पहले कब और किस संदर्भ में इस्तेमाल हुआ था। यह तरीका पुराने वीडियो और गलत दावे पकड़ने में मदद कर सकता है।
इसे भी पढ़ें : खाने में गड़बड़ी मिली तो दुकान पर हो सकता है बड़ा एक्शन, जानिए ग्राहक के अधिकार
दूसरी भरोसेमंद जानकारी से मिलान करें
किसी बड़ी घटना का वीडियो वायरल होने पर उसकी जानकारी दूसरी भरोसेमंद जगहों पर भी खोजें। समाचार वेबसाइटों, सरकारी विभागों और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक खातों से मिली जानकारी को वीडियो के दावे से मिलाएं। अगर कहीं भी पुष्टि नहीं मिल रही है, तो वीडियो को तुरंत आगे भेजने से बचें। कुछ मिनट की जांच आपको गलत जानकारी फैलाने से रोक सकती है।