Virender Sehwag 309 Runs : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर से जुड़ा एक पुराना किस्सा सुनाया है। रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ में कंटेस्टेंट्स के बीच गाली-गलौज और झगड़े देखकर सहवाग नाराज हो गए। उन्होंने सभी को समझाते हुए बताया कि मैदान पर जब शोएब अख्तर ने उन्हें गालियां दी थीं, तब उन्होंने भी गाली देकर जवाब देने के बजाय अपने बल्ले से हिसाब बराबर करने का फैसला किया था। सहवाग की यह बात सुनकर शो में मौजूद सितारे भी उनकी तारीफ करने लगे।
पहले ही मैच में हुआ था सामना
सहवाग ने बताया कि साल 1999 में जब वह पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मैच खेल रहे थे, तब उनकी उम्र करीब 20 साल थी। मैदान पर उतरते ही शोएब अख्तर ने उन्हें गालियां दीं और क्रीज तक छोड़कर आए। सहवाग के मुताबिक, उन्होंने शोएब से कहा कि उन्हें बल्लेबाजी तो करने दी जाए और फिर वहां से जाने को कहा। उस समय सहवाग ने सिर्फ दो गेंदें खेलीं और एक रन बनाया। उनके लिए यह अनुभव नया था, लेकिन उन्होंने उसी समय तय कर लिया कि इसका जवाब किस तरह देना है।
गाली का जवाब गाली से नहीं दिया
सहवाग ने कंटेस्टेंट्स से सवाल किया कि उस समय वह क्या करते? शोएब अख्तर से लड़ते, उन्हें गालियां देते या मारपीट करते? उन्होंने बताया कि ऐसा करने के बजाय उन्होंने अपने खेल से जवाब देने का फैसला किया। सहवाग ने कहा कि उन्होंने मन में ठान लिया था कि अगर उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ दोबारा खेलने का मौका मिला, तो वह ऐसी बल्लेबाजी करेंगे कि विरोधी खिलाड़ी उन्हें गाली देने से पहले सोचेंगे। उनके मुताबिक, मैदान पर असली जवाब प्रदर्शन से दिया जाना चाहिए।
309 रन बनाकर बल्ले से दिया जवाब
सहवाग ने अपने किस्से में बताया कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 309 रन बनाकर अपने बल्ले से जवाब दिया। इस पारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि उन्हें मैदान पर गालियों का जवाब गालियों से देना पड़े। उनका मानना था कि बल्लेबाजी से विरोधियों को जवाब देना ज्यादा असरदार है। सहवाग की यह बात सुनकर शो के कंटेस्टेंट्स ने उनकी तारीफ की। हालांकि, सहवाग के इस किस्से में सबसे बड़ा संदेश यही था कि गुस्से में उलझने के बजाय अपनी मेहनत और प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
शो में झगड़ों से परेशान हुए सहवाग
‘राइज एंड फॉल’ में इन दिनों कंटेस्टेंट्स के बीच तीखी बहस और झगड़े देखने को मिल रहे हैं। शो में गाली-गलौज बढ़ने पर सहवाग ने नाराजगी जताई और प्रतिभागियों को अपनी भाषा पर ध्यान देने की सलाह दी। इसी दौरान उन्होंने अपने क्रिकेट करियर का अनुभव साझा किया। सहवाग ने समझाया कि मुश्किल हालात में इंसान को अपनी प्रतिक्रिया सोच-समझकर देनी चाहिए। उनकी बात का मकसद कंटेस्टेंट्स को यह समझाना था कि किसी की बदतमीजी का जवाब उसी अंदाज में देना जरूरी नहीं है।
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सोशल मीडिया पर चर्चा में सहवाग का बयान
सहवाग के इस किस्से का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्रिकेट प्रशंसक उनके आक्रामक खेल और मैदान पर जवाब देने के अंदाज को याद कर रहे हैं। सहवाग भारतीय क्रिकेट के उन बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं, जो अपनी बेखौफ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। शो में सुनाया गया यह किस्सा भी उनके उसी अंदाज को सामने लाता है। सहवाग ने अपने अनुभव के जरिए बताया कि गुस्से या गाली-गलौज में उलझने के बजाय अपने काम से जवाब देना ज्यादा बेहतर हो सकता है।