Virendra Sachdeva: दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने पूर्व मुख्य मंत्री एवं दिल्ली सरकार में 2022 में हुए शराब घोटाले के अभियुक्त अरविंद केजरीवाल के द्वारा सोमवार को फिर दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायधीश स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर उन पर अविश्वास प्रकट करने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अब यह साफ है की अरविंद केजरीवाल को न्यायपालिका के प्रति कोई सम्मान विश्वास नही है। यह अत्यंत दुखद है कि केजरीवाल जिस संविधान की शपथ लेकर तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे आज सिर्फ भ्रष्टाचार की सजा मिलने के भय से उसी संविधान की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं।
'आराजकता की हर सीमा पार की है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संविधान एवं कानूनी प्रक्रिया अनुसार अरविंद केजरीवाल ने सर्वोच्च न्यायालय सहित सभी स्तर पर सम्भव कानूनी राहत पाने के लिए प्रयास किया पर असफल रहने के बाद अब आज फिर माननीय न्यायधीश को पत्र लिखकर आराजकता की हर सीमा पार की है। उन्होंने कहा, केजरीवाल अब कह रहे हैं कि मैं गांधी जी के सत्याग्रह की राह पर चलूंगा तो वह बतायें की क्या शराब घोटाला, शीशमहल घोटाला या अन्य भ्रष्टाचार महात्मा गांधी की दिखाई किसी राह पर चलकर किए थे ?
'राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा की केजरीवाल लगातार शराब घोटाले मामले पर राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं और दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायिक अपील हारने के बाद अब आराजकता की हर सीमा पार करके माननीय न्यायधीश पर निजी आक्षेप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और देश की जनता केजरीवाल की आराजक नौटंकी को बखूबी समझ रही है, बेहतर होगा वह यह नौटंकी छोड़कर संविधानिक न्यायिक प्रक्रिया का पालन करें।