अमेरिका में वीजा रिन्यूअल प्रक्रिया में अचानक आई देरी ने हजारों प्रवासी भारतीयों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा जांच और नई सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी के चलते अपॉइनमेंट रद्द और रीशेड्यूल किए जा रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि भारत आए कई एनआरआई समय पर अमेरिका लौट नहीं पा रहे हैं, जिससे उनकी नौकरी और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अपॉइनमेंट रद्द होने से बढ़ी मुश्किल
वीजा रिन्यूअल के लिए तय किए गए कई कॉन्सुलर अपॉइनमेंट बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द कर दिए गए। खासतौर पर दिसंबर के मध्य में निर्धारित तारीखों पर जिन लोगों को बुलाया गया था, उन्हें अचानक ईमेल के जरिए बदलाव की जानकारी दी गई। इससे पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में अपॉइनमेंट एक साथ रद्द होने का मामला सामने नहीं आया था। इससे प्रवासी भारतीयों में असमंजस और तनाव की स्थिति बन गई है।
कंपनियों के सामने नया संकट
कई बड़ी कंपनियों के लिए यह स्थिति गंभीर चुनौती बन गई है। कर्मचारी भारत में फंसे हुए हैं और कंपनियों के सामने सवाल है कि वे किसी कर्मचारी का कितने समय तक इंतजार कर सकती हैं। कुछ कर्मचारियों की छुट्टी सीमित अवधि की थी, लेकिन वीजा रिन्यू न होने के कारण उनकी वापसी टलती जा रही है। इससे प्रोजेक्ट डिले और कार्यक्षमता पर भी असर पड़ रहा है।
सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी बनी वजह
अमेरिकी प्रशासन की नई सोशल मीडिया वेटिंग पॉलिसी को इस देरी की बड़ी वजह माना जा रहा है। इस नीति के तहत वीजा जारी या रिन्यू करने से पहले आवेदक की सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की जा रही है। इसके लिए आवेदकों को अपनी प्रोफाइल पब्लिक करनी पड़ रही है, ताकि सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा सके।
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टरव्यू अगले साल तक टले
जानकारी के अनुसार, एच-1बी और एच-4 वीजा से जुड़े कई अपॉइनमेंट अब अगले साल के लिए टाल दिए गए हैं। दिसंबर में होने वाले इंटरव्यू मार्च तक शिफ्ट किए जा रहे हैं। इसका सीधा असर उन प्रवासी भारतीयों पर पड़ा है, जो वर्क परमिट रिन्यू कराने भारत आए थे और अब लंबे समय तक यहीं फंसे हुए हैं।
अनिश्चित भविष्य और बढ़ती चिंता
इमिग्रेशन नीति में सख्ती और बढ़ी सुरक्षा जांच के चलते हालात जल्द सुधरने की उम्मीद कम नजर आ रही है। न तो अपॉइनमेंट को लेकर कोई पुख्ता टाइमलाइन सामने आ रही है और न ही कंपनियों को राहत मिल रही है। ऐसे में हजारों परिवारों का भविष्य अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।