
हिंदू पंचांग के अनुसार देवउठनी एकादशी (जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है) से शुभ कार्यों की शुरुआत का समय माना जाता है। चार महीने तक चलने वाला चातुर्मास जब समाप्त होता है, तब भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन जैसे मांगलिक कार्यों पर लगे रोक हटा दी जाती है। वर्ष 2025 में देवउठनी एकादशी 2 नवंबर 2025 (रविवार) को पड़ रही है, और इसी दिन से शादियों का शुभ सीजन शुरू हो जाएगा। आइए जानते हैं कि नवंबर और दिसंबर 2025 में कौन-कौन सी तिथियां विवाह के लिए अत्यंत शुभ मानी गई हैं।
1. नवंबर 2025 के विवाह मुहूर्त
देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर का महीना शादियों से सराबोर रहेगा। इस महीने के प्रमुख विवाह मुहूर्त इस प्रकार हैं।
5 नवंबर (बुधवार)
8 नवंबर (शनिवार)
12 नवंबर (बुधवार)
16 नवंबर (रविवार)
18 नवंबर (मंगलवार)
21 नवंबर (शुक्रवार)
25 नवंबर (मंगलवार)
28 नवंबर (शुक्रवार)
ये सभी तिथियां पंचांग अनुसार शुभ योगों और नक्षत्रों से युक्त हैं, जो विवाह के लिए अत्यंत मंगलकारी मानी जाती हैं।
2. दिसंबर 2025 के विवाह मुहूर्त:
साल का अंतिम महीना भी विवाहोत्सवों से भरा रहेगा। दिसंबर में कुल छह प्रमुख शुभ तिथियां बताई गई हैं —
2 दिसंबर (मंगलवार)
5 दिसंबर (शुक्रवार)
8 दिसंबर (सोमवार)
10 दिसंबर (बुधवार)
13 दिसंबर (शनिवार)
15 दिसंबर (सोमवार)
इसके बाद सूर्य के धनु राशि में संक्रमण के साथ खरमास प्रारंभ हो जाएगा, जिसके कारण लगभग एक महीने तक शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा।
3. विवाह मुहूर्त का महत्व:
हिंदू धर्म में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र बंधन माना गया है। शुभ मुहूर्त में किए गए विवाह से जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है। इसीलिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार मुहूर्त चुनना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।