Volkswagen Job Cuts 100000 Jobs : दुनिया की बड़ी कार कंपनियों में शामिल वोक्सवैगन बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने दशक के अंत तक अपने कर्मचारियों की संख्या में करीब 1 लाख की कमी करने की योजना बनाई है। इसमें पहले से तय 50 हजार नौकरियों की कटौती और आगे की अतिरिक्त कटौती शामिल है। यह आंकड़ा वोक्सवैगन ग्रुप का है, जिसमें कई ब्रांड शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि मौजूदा कारोबारी हालात के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या को कम करना जरूरी है।
पोर्श भी घटाएगा हजारों नौकरियां
वोक्सवैगन की लग्जरी कार कंपनी पोर्श ने भी अपनी नई योजना के तहत करीब 9 हजार नौकरियां कम करने की बात कही है। कंपनी यह बदलाव आने वाले वर्षों में करेगी। पोर्श का लक्ष्य कम कारें बेचकर ज्यादा कमाई करने पर ध्यान देना है। कंपनी महंगी और ज्यादा मुनाफा देने वाली कारों पर अपना फोकस बढ़ाना चाहती है।
चीन में कम बिक्री से बढ़ी परेशानी
इन कंपनियों के लिए चीन का बाजार बड़ी चुनौती बन गया है। पोर्श की चीन में बिक्री कमजोर हुई है और कंपनी को वहां पहले जैसी तेजी लौटने की उम्मीद फिलहाल कम है। इसके अलावा चीन की कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, अमेरिका के टैरिफ और इलेक्ट्रिक कारों को लेकर बदलती मांग ने भी दबाव बढ़ाया है। वोक्सवैगन भी चीन में कड़ी प्रतिस्पर्धा और बढ़ती लागत से जूझ रही है।
कर्मचारियों और कार बाजार पर क्या असर
इतनी बड़ी नौकरी कटौती का असर सिर्फ कंपनी के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। कार बनाने वाली कंपनियों के साथ काम करने वाले कई सप्लायर और दूसरी कंपनियां भी इससे प्रभावित हो सकती हैं। वोक्सवैगन ने लागत घटाने के साथ नई तकनीक और कारोबार को मजबूत करने में निवेश की योजना भी बनाई है। पोर्श भी कर्मचारियों और उत्पादन से जुड़ी लागत कम करने की तैयारी कर रही है।
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आगे कंपनी की क्या योजना है
वोक्सवैगन अब अपने कारोबार को ज्यादा कुशल बनाने और खर्च कम करने पर जोर दे रही है। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह भविष्य की तकनीक और रिसर्च में बड़ा निवेश जारी रखेगी। वहीं पोर्श महंगी कारों पर ज्यादा ध्यान देकर मुनाफा बढ़ाने की कोशिश करेगा। यानी कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटाकर खर्च कम करना चाहती हैं, लेकिन साथ ही नए बाजार और नई तकनीक में निवेश भी जारी रखेंगी। आने वाले वर्षों में इन फैसलों का असर ऑटो सेक्टर की नौकरियों और उत्पादन पर साफ दिखाई दे सकता है।