अगर उत्तर प्रदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण की ड्राफ्ट मतदाता लिस्ट में नहीं दिख रहा है तो डरने की जरूरत नहीं है। यह लिस्ट अंतिम नहीं है बल्कि एक अस्थायी और अद्यतन लिस्ट है। इसी प्रक्रिया के दौरान प्रदेश में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आपका मताधिकार खत्म हो गया है। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि गलती से हटे नामों को दोबारा जोड़ने का पूरा मौका दिया जाएगा।
नाम जांचने का आसान तरीका
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ड्राफ्ट लिस्ट केवल प्रारंभिक चरण है। आप चुनाव आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल पर जाकर अपना नाम देख सकते हैं। यहां विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ा विकल्प मिलेगा। आप अपनी मतदाता पहचान संख्या डालकर या जन्म तिथि जिला और विधानसभा की जानकारी भरकर खोज कर सकते हैं। अगर नाम दिखाई नहीं देता है तो इसका अर्थ है कि अभी आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं है और आगे आवेदन करना होगा। इसके अलावा आयोग के मोबाइल अनुप्रयोग के जरिए भी यह जांच की जा सकती है।
दोबारा मतदाता बनने की प्रक्रिया
यदि आपका नाम लिस्ट में नहीं है तो चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा दी है। नए मतदाता या हटे हुए नाम को जोड़ने के लिए प्रपत्र छह भरा जाता है। अगर किसी कारण से नाम गलत तरीके से हट गया हो तो प्रपत्र सात का उपयोग किया जा सकता है। वहीं यदि नाम मौजूद है लेकिन पता या अन्य जानकारी गलत है तो सुधार के लिए प्रपत्र आठ भरा जाता है। ये सभी प्रपत्र ऑनलाइन या अपने क्षेत्र के बूथ स्तर अधिकारी के पास जाकर जमा किए जा सकते हैं।
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कितना समय मिलता है सुधार के लिए
दावा और आपत्ति दर्ज कराने की यह प्रक्रिया सीमित समय के लिए खुली रहती है। आमतौर पर कुछ हफ्तों तक नागरिकों को मौका दिया जाता है। इसी अवधि में आवेदन करना बेहद जरूरी है क्योंकि अंतिम मतदाता लिस्ट जारी होने के बाद बदलाव कराना कठिन हो जाता है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके अपनी स्थिति स्पष्ट करना ही समझदारी है।
किन कागजों की होगी जरूरत
आवेदन करते समय कुछ पहचान और पते से जुड़े प्रमाण देने होते हैं। आम तौर पर आधार पत्र मतदाता पहचान पत्र जन्म प्रमाण पत्र पेंशन आदेश या केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र मान्य होते हैं। इन दस्तावेजों से यह साबित होता है कि आवेदक उस क्षेत्र का निवासी है और मतदाता बनने के योग्य है।
समय रहते कार्रवाई क्यों जरूरी
यह पूरी प्रक्रिया इसलिए अहम है क्योंकि अंतिम मतदाता लिस्ट जल्द जारी की जाएगी। इसके बाद नाम जोड़ना या सुधार कराना आसान नहीं रहेगा। समय रहते सही कदम उठाने से आपका मताधिकार सुरक्षित रहेगा और आप चुनाव में बिना किसी परेशानी के अपने वोट का इस्तेमाल कर सकेंगे।