
उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर दोनों संगठनों की ओर से उम्मीदवारों का ऐलान किया जा चुका है। एनडीए की ओर से जहां सीपी राधाकृष्णन खड़े हैं। वहीं इंडी गठबंधन की ओर से बी सुदर्शन रेड्डी का नाम है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इंडी गठबंधन के उम्मीदवार सुरदर्शन रेड्डी को लेकर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वामपंथी नक्सलियों के समर्थक को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तय किया गया। अमित शाह ने कहा कि उपराष्ट्रपति के चुनाव को साउथ बनाम साउथ के नजरिए से न देखा जाए। देश का उपराष्ट्रपति किसी भी राज्य से सामने आ सकता है। ये विचार ठीक नहीं है।
वामपंथी नक्सलवाद 2020 तक खत्म हो सकता था
उन्होंने कांग्रेस को लेकर कहा कि इंडी गठबंधन के इस फैसले से केरल में कांग्रेस की जीत की जो बची कुची संभावना थी वो भी खत्म हो गई। क्योंकि विपक्ष के प्रत्याशी सुर्दशन रेड्डी वहीं हैं, जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद को सहायता देने को लेकर सलवा जुडूम का फैसला दिया था। अगर फैसला न दिया गया होता तो वामपंथी नक्सलवाद 2020 तक खत्म हो सकता था। यह सज्जन वही हैं, जिन्होंने विचारधारा से प्ररित होकर सलवा जूडुम का जजमेंट दिया था।
क्या सलवा जुडूम का केस?
यह मामला दिसंबर 2011 में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रेड्डी से जुड़ा था। उन्होंने अपने फैसले में कहा, माओवादी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में आदिवासी युवकों को खास पुलिस अधिकारी के रूप में उपयोग करना, चाहे उन्हें कोया कमांडो कहा जाए, सलवा जुडूम कहा जाए या किसी और नाम से जाना जाए, गैरकानूनी और असांविधानिक है। उन्होंने यह आदेश दिया कि ऐसे आदिवासी युवकों को तुरंत निरस्त्र किया जाए।