Operation Epic Fury: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम से बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। उनके मुताबिक यह अब तक का सबसे व्यापक और जटिल हमला है, जिसके तहत ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ठिकानों, वायु रक्षा प्रणालियों और कई रणनीतिक लक्ष्यों पर कार्रवाई की गई है।
सैन्य अभियान जारी
ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन पूरी ताकत से जारी हैं और तब तक चलते रहेंगे जब तक सभी रणनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो जाती। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मौत पर शोक जताते हुए कहा कि देश उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से तीन सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
कतर की जवाबी कार्रवाई
तनाव के बीच कतर के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायुसेना ने ईरान से आए दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया। साथ ही सात बैलिस्टिक मिसाइलों और पांच ड्रोन को भी एयर डिफेंस सिस्टम ने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले नष्ट कर दिया। मंत्रालय के अनुसार सभी कार्रवाई कतर की हवाई सीमा की सुरक्षा के तहत की गई।
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ईरान में उथल-पुथल
रिपोर्ट्स में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा किया गया है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इस बीच ईरान ने आरोप लगाया है कि उसने कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। क्षेत्र में अस्थिरता तेजी से बढ़ रही है।
पुरानी डील पर सवाल
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पूर्व प्रशासन की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब किसी भी खतरे का कड़ा जवाब देगा। इजरायल की ओर से भी सख्त रुख बरकरार है और दोनों देशों की सैन्य तैयारी उच्च स्तर पर बनी हुई है।